देवरी। हर सिक्के के दो पहलू होते हैं और हर क्रिया की प्रतिक्रिया भी। आज के दौर में जहाँ बड़ी संख्या में बच्चे मोबाइल और सोशल मीडिया की ओर आकर्षित हो रहे हैं, वहीं सावन सोमवार को कांवड़ यात्रा में नन्हे भक्तों की उत्साहपूर्वक भागीदारी सनातन संस्कृति और संस्कारों की एक सुंदर मिसाल बनकर सामने आई।यात्रा के दौरान पूरा वातावरण भगवान शिव के जयकारों और भक्तिमय भजनों से गूंज उठा। श्रद्धालुओं का कहना था कि बच्चों को भारतीय संस्कृति, धार्मिक परंपराओं और संस्कारों से जोड़ना आज के समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है। कांवड़ यात्रा में बच्चों के इस उत्साह ने यह स्पष्ट संदेश दिया कि आधुनिकता के साथ-साथ अपनी जड़ों और संस्कृति को भी बखूबी आगे बढ़ाया जा सकता है।डिजिटल युग के बीच बच्चों का धार्मिक आयोजनों से जुड़ना समाज के लिए एक सकारात्मक संकेत है।कांवड़ यात्रा के दौरान भक्तों का जोश देखते ही बन रहा था और चारों ओर भक्तिमय माहौल बना रहा। इस धार्मिक आयोजन में नगरपालिका अध्यक्ष नेहा जैन और पत्रकार नितिन ठाकुर विशेष रूप से शामिल हुए और श्रद्धालुओं का उत्साहवर्धन किया।
संस्कृति सहेजते नन्हे कांवड़ियों ने पेश की सनातन संस्कारों की मिसाल
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