रहली । नगर के वार्ड 15 मोहर की रहने वाली और वर्तमान में प्राथमिक शिक्षिका बेबी अहिरवार ने मध्य प्रदेश लोक सेवा आयोग (MPPSC) द्वारा आयोजित सहायक प्राध्यापक परीक्षा 2024 में बड़ी सफलता हासिल की है। बेबी का चयन हिंदी विषय के असिस्टेंट प्रोफेसर के पद पर हुआ है। ग्रामीण पृष्ठभूमि से निकलकर उच्च शिक्षा के क्षेत्र में इस मुकाम तक पहुँचने पर पूरे क्षेत्र में हर्ष का माहौल है। बेबी की यह सफलता उन सभी ग्रामीण छात्र-छात्राओं के लिए प्रेरणादायी है जो बड़े शहरों में जाकर महँगी कोचिंग नहीं कर सकते।
घर पर रहकर की तैयारी, नेट (NET) भी हैं क्वालिफाइड
बेबी अहिरवार ने डॉ. हरिसिंह गौर विश्वविद्यालय सागर से परास्नातक की पढ़ाई की है। विश्वविद्यालय अनुदान आयोग की राष्ट्रीय पात्रता परीक्षा (UGC NET) उत्तीर्ण करने के बाद, उन्होंने बिना किसी कोचिंग संस्थान का सहारा लिए, पूरी तरह घर पर रहकर ही तैयारी की और नियमित स्वाध्याय व दृढ़ संकल्प के बल पर यह मुकाम हासिल किया।
माता-पिता दोनों हैं शिक्षा विभाग में
बेबी के पिता श्री कुंजीलाल अहिरवार चांदपुर हायर सेकेंडरी स्कूल में शिक्षक के पद पर कार्यरत हैं, जबकि माता श्रीमती भागबाई बरखेरा सिकंदर में प्राथमिक शिक्षिका के पद पर कार्यरत हैं। दोनों ने इस उपलब्धि को बेटी की कड़ी मेहनत व लगन का परिणाम बताया है।
सफलता का श्रेय अपनों को दिया
अपनी इस अभूतपूर्व सफलता पर खुशी व्यक्त करते हुए बेबी अहिरवार ने इसका पूरा श्रेय अपने माता-पिता, परिवार के सदस्यों, अज़ीम प्रेमजी फाउंडेशन टीएलसी रहली के सदस्यों (लवकुश व राकेश) और अपने गुरुजनों को दिया है। बेबी का मानना है कि परिवार के अटूट विश्वास और गुरुओं के सही मार्गदर्शन के बिना यह राह आसान नहीं थी।
क्षेत्र में हर्ष की लहर
बेबी की इस गौरवमयी उपलब्धि पर रहली ब्लॉक सहित पूरे जिले के लोगों ने प्रसन्नता व्यक्त की है। स्थानीय जनप्रतिनिधियों, प्रबुद्धजनों व ग्रामीणों ने उनकी प्रतिभा की जमकर सराहना करते हुए कहा कि बेबी ने न केवल अपने माता-पिता का नाम रोशन किया है, बल्कि पूरे रहली क्षेत्र का गौरव बढ़ाया है।
