Thursday, August 13, 2026
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रहली-सागर रूट पर हाहाकार! बसों के किराए में पहले से अवैध वसूली: सरकार ने फिर बढ़ाया किराया,

रहली/सागर:
रहली से सागर के बीच सफर करने वाले यात्रियों की जेब पर अब सरकार और बस माफिया मिलकर डाका डाल रहे हैं। एक तरफ जहां सालों से शासकीय दरों का उल्लंघन कर जनता से अवैध किराया वसूला जा रहा था, वहीं अब सरकार ने जले पर नमक छिड़कते हुए किराए की दर को सीधे ₹2 प्रति किलोमीटर कर दिया है। इस फैसले के बाद से पूरे क्षेत्र में आक्रोश की लहर है और जगह-जगह विरोध प्रदर्शन शुरू हो गए हैं।
​पहले अवैध वसूली, अब सरकारी मुहर: जनता का बजट ध्वस्त!
​रहली से सागर की दूरी 42 किलोमीटर है।
​पुराना गणित और लूट: पुरानी स्वीकृत दर ₹1.25 प्रति किमी के हिसाब से आधिकारिक किराया लगभग ₹52.50 बनता था। लेकिन बस संचालक नियम-कायदों को ताक पर रखकर सालों से जनता से ₹60 वसूल रहे थे।
​नया सरकारी झटका: अब सरकार ने किराया बढ़ाकर ₹2 प्रति किमी कर दिया है। इसके हिसाब से वैध किराया ही लगभग ₹84 हो जाएगा!
​यानी जो गरीब मजदूर और आम यात्री पहले से ही अवैध रूप से ₹60 देने को मजबूर थे, उन पर अब ₹80 से ₹85 का भारी-भरकम बोझ डाल दिया गया है।
​जगह-जगह विरोध प्रदर्शन, सड़कों पर उतरने लगी जनता
​सरकार के इस किसान, मजदूर और छात्र-विरोधी फैसले के खिलाफ रहली और सागर क्षेत्र में जनाक्रोश फूट पड़ा है।
​विभिन्न यात्री संगठनों, स्थानीय नागरिकों और विपक्षी दलों द्वारा जगह-जगह पुतले दहन और ज्ञापन सौंपकर विरोध दर्ज कराया जा रहा है।
​दैनिक यात्रियों का कहना है कि जब ₹1.25 की दर पर भी 60 रुपये लेकर वसूली की जा रही थी, तब प्रशासन सोया हुआ था। अब किराया बढ़ाने का फैसला सीधे तौर पर बस माफियाओं को फायदा पहुंचाने और गरीबों की कमर तोड़ने जैसा है।
​यात्रियों का आक्रोश:
“हम रोज की मजदूरी के लिए सागर जाते हैं। दिनभर में ₹300-400 कमाने वाला मजदूर अगर ₹160-170 सिर्फ आने-जाने के किराए में दे देगा, तो अपने बच्चों को क्या खिलाएगा? यह सरकार की गरीबों के साथ खुली दुश्मनी है।”
​मिलीभगत पर उठे गंभीर सवाल: क्या अब भी मौन रहेगा प्रशासन?
​जनता का सीधा आरोप है कि यह पूरी कवायद बस ऑपरेटरों को लाभ पहुंचाने के लिए की गई है। सालों से चल रही अवैध वसूली पर कोई कार्रवाई न होना और फिर अचानक किराए में इतनी भारी वृद्धि कर देना, शासन-प्रशासन और बस माफिया की साठगांठ की ओर इशारा करता है।
​जनता के तीखे सवाल:
​सालों से वसूले गए अवैध किराए (ओवरचार्जिंग) पर RTO ने अब तक कार्रवाई क्यों नहीं की?
​क्या महंगाई के इस दौर में किराए में अचानक इतनी बड़ी वृद्धि वापस ली जाएगी?
​क्या सरकार का काम गरीबों को राहत देना है या बस माफियाओं की तिजोरियां भरना?
​क्षेत्रीय नागरिकों ने साफ चेतावनी दी है कि यदि बढ़ा हुआ किराया तत्काल वापस नहीं लिया गया और पुरानी दर पर ही सही किराया लागू नहीं किया गया, तो क्षेत्र में उग्र आंदोलन, चक्काजाम और बसों का पहिया जाम किया जाएगा।

Yogesh Soni Editor
Yogesh Soni Editorhttp://khabaronkiduniya.com
पत्रकारिता मेरे जीवन का एक मिशन है,जो बतौर ए शौक शुरू हुआ लेकिन अब मेरा धर्म और कर्म बन गया है।जनहित की हर बात जिम्मेदारों तक पहुंचाना,दुनिया भर की वह खबरों के अनछुए पहलू आप तक पहुंचाना मूल उद्देश्य है।
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