‘पप्पन स्नेक्स’ के गोदाम में छिपाकर रखे गए थे ₹60 हजार के पटाखे, 72 साल का आरोपी गिरफ्तार
रहली (सागर) | त्योहारों की आहट के साथ ही जहां खुशियों की तैयारियां चल रही हैं, वहीं कुछ लोग चंद पैसों के मुनाफे के लिए हजारों जिंदगियों को दांव पर लगाने से बाज नहीं आ रहे। रहली के एक अति-व्यस्त और घनी आबादी वाले इलाके में एक ऐसा ही मामला सामने आया है, जहां रिहायशी मकान के ऊपर बारूद का एक बड़ा ढेर लगा रखा था। समय रहते रहली पुलिस और प्रशासनिक टीम ने संयुक्त दबिश देकर एक बड़े हादसे को टाल दिया।
💥 ‘पप्पन स्नेक्स’ के गोदाम में मिला ‘बारूद का जखीरा’
1 नवंबर की शाम थाना रहली के उपनिरीक्षक हरिसिंह तोमर और तहसीलदार रहली अपनी टीम के साथ गश्त पर थे। इसी दौरान मुखबिर ने एक सनसनीखेज खबर दी—वार्ड नंबर 10 स्थित “पप्पन (प्राइम स्नेक्स)” के गोदाम में बिना किसी वैध लाइसेंस के बड़ी मात्रा में पटाखे और विस्फोटक सामग्री जमा की गई है!
खबर मिलते ही पुलिस और प्रशासन हरकत में आए और बिना वक्त गंवाए बताए ठिकाने पर दबिश दी। जब टीम गोदाम की दूसरी मंजिल पर पहुंची, तो वहां का नजारा देखकर दंग रह गई। हॉल में चारों तरफ खुले में, कार्टूनों और बोरियों में पटाखों का भारी जखीरा भरा पड़ा था।
बरामद सामग्री: सुतली बम, बुलेट बम, चकरी, अनारदाना, रॉकेट, बड़ी लड़ियां और रंग-बिरंगी फुलझड़ियां।
कुल जब्त सामग्री की कीमत: लगभग ₹60,000/-
👴 3 दिन पहले सागर से लाया गया था बारूद
गोदाम के मालिक से जब पटाखों के भंडारण और बिक्री का लाइसेंस मांगा गया, तो वे कोई भी वैध दस्तावेज नहीं दिखा सके।
कड़ाई से पूछताछ करने पर 72 वर्षीय आरोपी ने कबूला कि वह महज तीन दिन पहले ही सागर से यह भारी मात्रा में पटाखे लाकर बिना लाइसेंस के घनी आबादी के बीच जमा कर रहा था। अगर जरा सी भी चूक या चिंगारी लगती, तो पूरा इलाका दहल सकता था और कई मासूमों की जान जा सकती थी।
⚖️ कड़ी धाराओं में मामला दर्ज, पुलिस की सख्त चेतावनी
पुलिस ने मौके से ही तमाम विस्फोटक सामग्री को जब्त कर आरोपी उत्तमचंद्र जैन के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की है:
- भारतीय न्याय संहिता (BNS), 2023: धारा 288 और 125
- विस्फोटक अधिनियम, 1884: धारा 9(ख)
आरोपी को BNSS की धारा 35(3) के तहत नोटिस तामील कराकर पाबंद किया गया है और मामले की आगे की जांच जारी है।
📢 सागर पुलिस की सख्त अपील:
“पटाखों का क्रय-विक्रय और भंडारण केवल वैध लाइसेंस और सुरक्षा मानकों के तहत ही करें। रिहायशी इलाकों में अवैध रूप से बारूद या पटाखे जमा करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा। जनसुरक्षा से खिलवाड़ करने वालों पर पुलिस की पैनी नजर है और आगे भी ऐसी कड़ी कानूनी कार्रवाई जारी रहेगी।”
