Monday, October 19, 2026
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​बुंदेलखंड का रहस्यमयी अबार माता मंदिर: जहां चट्टान पर ‘उल्टा हाथ’ रखने से पूरी होती है हर मुराद!

​एक हजार साल पुराना इतिहास और आल्हा-ऊदल का कनेक्शन: जानिए क्यों अनोखी है अबार माता की मान्‍यता

अबार माता मंदिर एक हजार साल पुराना बुंदेलखंड का ऐसा रहस्यमयी और आस्था का केंद्र है, जहां मन्नतें पूरी होने पर श्रद्धालु उल्टे हाथ के बजाय सीधे हाथ से माता का आभार जताते हैं।
​इस प्राचीन मंदिर और इसकी अनूठी परंपराओं को नए और प्रभावी एंगिल से इस प्रकार प्रस्तुत किया जा सकता है—
​चमत्कारी 75 फीट ऊंची चट्टान: मंदिर की पहचान यह विशाल चट्टान है, जिसके बारे में स्थानीय मान्यता है कि महाशिवरात्रि पर यह तिल-तिल बढ़ती है।

मन्नत मांगने का अनूठा तरीका: श्रद्धालु अपनी मनोकामना मांगते समय चट्टान पर उल्टा हाथ रखते हैं और इच्छा पूरी होने के बाद सीधा हाथ रखकर माता का धन्यवाद अदा करते हैं।

​वीर योद्धा आल्हा-ऊदल से कनेक्शन: लोककथाओं के अनुसार, इस प्राचीन मंदिर की स्थापना बुंदेलखंड के प्रसिद्ध योद्धा आल्हा-ऊदल ने जंगल में रात्रि विश्राम के दौरान देवी दर्शन मिलने के बाद कराई थी।
​संतान प्राप्ति की विशेष आस्था: सागर-छतरपुर और उत्तर प्रदेश की सीमा पर स्थित इस दरबार में निःसंतान दंपत्ति भी संतान प्राप्ति की आस लेकर दूर-दूर से पहुंचते हैं।

Yogesh Soni Editor
Yogesh Soni Editorhttp://khabaronkiduniya.com
पत्रकारिता मेरे जीवन का एक मिशन है,जो बतौर ए शौक शुरू हुआ लेकिन अब मेरा धर्म और कर्म बन गया है।जनहित की हर बात जिम्मेदारों तक पहुंचाना,दुनिया भर की वह खबरों के अनछुए पहलू आप तक पहुंचाना मूल उद्देश्य है।
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