रहली -/ विहार कर रहे जैन साधु-संतों की सुरक्षा और हाल ही में रीवा में आर्यिका माताजी के संघ के साथ हुई दर्दनाक वाहन दुर्घटना के विरोध में सोमवार को ‘श्री दिगंबर जैन पंचायत सभा,रहली द्वारा नगर के प्रमुख मार्गों से मौन जुलूस निकाल कर प्रदर्शन किया गया अवसम महामहिम राष्ट्रपति के नाम संबोधित ज्ञापन तहसीलदार राजेश पाण्डेय को सौपा गया।
ज्ञापन में जैन समाज ने अत्यंत दुःख और गहरी वेदना व्यक्त करते हुए कहा है कि हाल ही में रीवा में विहार कर रहीं आर्यिका माताजी के संघ को एक वाहन द्वारा अत्यंत क्रूरतापूर्वक कुचल दिया गया, जिससे दो पूज्य आर्यिका माताजी का असामयिक समाधिमरण हो गया। समाज का मानना है कि उपलब्ध तथ्यों और वीडियो क्लिपों को देखते हुए इसे केवल एक साधारण सड़क दुर्घटना नहीं माना जा सकता। इस घटना से पूरे जैन समाज में गहरी आशंका और चिंता का माहौल है।जैन समाज ने तर्क दिया है कि जैन साधु-संत पूर्णतः निहत्थे, अहिंसक और पैदल विहार करने वाले तपस्वी होते हैं। वे किसी भी प्रकार की सुरक्षा या आधुनिक सुविधाओं का उपयोग नहीं करते हैं, ऐसे में उनके साथ बढ़ती दुर्घटनाएं और हमले बेहद चिंताजनक हैं।
ज्ञापन में की गई ५ प्रमुख माँगें:
जैन पंचायत सभा द्वारा प्रशासन और सरकार के सामने पांच प्रमुख माँगें रखी गई है।रीवा मामले की SIT अथवा न्यायिक जाँच कराई जाए। घटना से जुड़े सभी सीसीटीवी फुटेज, वीडियो और डिजिटल साक्ष्य सुरक्षित किए जाएं और दोषियों पर कठोरतम कानूनी कार्रवाई हो। यदि इसमें कोई साजिश या षड्यंत्र पाया जाता है, तो कड़ी धाराएं लगाई जाएं। विहार करने वाले साधु-संतों की सुरक्षा के लिए विहार मार्गों पर प्रशासनिक समन्वय, संवेदनशील क्षेत्रों में पुलिस सहयोग, ट्रैफिक नियंत्रण, चेतावनी संकेतक और हाईवे व भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों में विशेष सावधानी सुनिश्चित की जाए। भारत सरकार द्वारा पैदल विहार करने वाले संतों के लिए एक राष्ट्रीय गाइडलाइन, सुरक्षा मानक संचालन प्रक्रिया और संवेदनशील मार्गों के लिए विशेष कानूनी प्रावधान बनाए जाएं।संतों के विरुद्ध होने वाले अपराधों को विशेष संवेदनशील श्रेणी में रखा जाए, क्योंकि वे आत्मरक्षा नहीं करते और पूर्णतः अहिंसक जीवन जीते हैं।इसके साथ ही संत सुरक्षा समन्वय प्रकोष्ठ का गठन किया जाए और आपातकालीन संपर्क व्यवस्था निर्मित किए जाने की मांग की गई है।
ज्ञापन देने वालो में ब्रह्मचारी रजनीश मलैया ,सुरेश बरमोदी,दीपक जैन,राकेश चांदपुर, आनंद छिरारी,सुशील जैन कुट्टू,भूरे जैन,साहित्य जैन चींची,गोलू बड़े बाबा,अनूप जैन,पंकज सिंघई,संजय टोनी,वासु,संदीप नवरंग,रजनीश जैन एवं महिला मंडल से सपना जैन, पुष्पा जैन,किरण जैन,बहु मंडल से मीनू जैन रंजीता जैन,रोशनी जैन,प्रियंका मलैया आदि समाजजन शामिल रहे।
