“जाते-जाते भी किसी की दुनिया रोशन कर जाना और मृत्यु के बाद भी चिकित्सा विज्ञान का आधार बन जाना—सागर के दो परिवारों ने शोक की घड़ी में एक ऐसा निर्णय लिया, जो पूरे समाज को मानवता का नया पाठ पढ़ा रहा है।”
सागर।
बुंदेलखंड चिकित्सा महाविद्यालय (बीएमसी) सागर में समाजोपयोगी और प्रेरणादायी कार्यों की एक नई मिसाल कायम हुई है। शोक संतप्त दो पृथक-पृथक परिवारों ने मृत्यु के उपरांत नेत्रदान और देहदान का साहसिक निर्णय लेकर समाज के समक्ष एक उच्च आदर्श प्रस्तुत किया है।
शांति सदन बाहुबली कॉलोनी से हुआ कॉर्निया दान
शहर की बाहुबली कॉलोनी स्थित ‘शांति सदन’ की निवासी 90 वर्षीय श्रीमती शांति बाई जैन का निधन 3 सितंबर 2026 को हुआ। निधन के तुरंत बाद परिजनों ने डॉ. आजाद जैन के माध्यम से बीएमसी के नेत्र रोग विभाग से संपर्क किया। विभागाध्यक्ष डॉ. प्रवीण खरे के निर्देशन में आई बैंक टीम ने तत्काल परिजनों की सहमति से सभी सुरक्षा मानकों का पालन करते हुए कॉर्निया सुरक्षित प्राप्त किया। जांच के बाद कॉर्निया को आई बैंक में संरक्षित कर दिया गया है।
डॉ. प्रवीण खरे ने दिवंगत के परिजनों—जिनेंद्र जैन, नरेंद्र जैन, मनोज जैन, देवेंद्र जैन एवं रामवती जैन का आभार व्यक्त किया। इस पुनीत कार्य में आई बैंक टीम की डॉ. नीलम, डॉ. शिवानी, डॉ. सौम्या, डॉ. हर्षिता, नर्सिंग स्टाफ राम-लखन एवं पैरामेडिकल स्टाफ की सक्रिय भूमिका रही।
स्व. श्रीमती अनीता जैन का देहदान, ‘गार्ड ऑफ ऑनर’ से सम्मानित
8 सितंबर 2026 को गोपालगंज निवासी 62 वर्षीय स्व. श्रीमती अनीता जैन के निधन के पश्चात उनके परिजनों ने पार्थिव शरीर को चिकित्सा अनुसंधान एवं शिक्षण हेतु बीएमसी के एनाटॉमी विभाग को समर्पित कर दिया। शासकीय दिशा-निर्देशों के तहत महाविद्यालय का यह 13वां देहदान था, जिसे पूर्ण प्रशासनिक सम्मान और ‘गार्ड ऑफ ऑनर’ के साथ स्वीकार किया गया।
देहदाता एवं परिजनों की जानकारी:
- देहदाता: स्व. श्रीमती अनीता जैन (आयु 62 वर्ष)
- परिजन: श्री सुनील जैन (पति), अकलंक जैन एवं निकलंक जैन (पुत्र)
- निवास: 170/2, गोपालगंज, सागर (म.प्र.)
इस गरिमामय अवसर पर क्षेत्रीय विधायक श्री शैलेंद्र जैन, बीएमसी के प्रभारी अधिष्ठाता डॉ. अमर गंगवानी, अस्पताल अधीक्षक डॉ. राजेश जैन, डॉ. सौरभ जैन तथा एनाटॉमी विभागाध्यक्ष डॉ. सिद्धार्थ शंकर रॉय सहित समस्त स्टाफ उपस्थित रहा। विधायक शैलेंद्र जैन एवं महाविद्यालय प्रबंधन ने इस महान एवं अनुकरणीय कार्य के लिए परिजनों के प्रति गहरा आभार व्यक्त किया।
