Tuesday, September 8, 2026
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मप्र सरकार पर बरसे राहुल गांधी: ‘दवा, पानी, शराब सब जहरीला’, सागर शराब त्रासदी पर प्रशासनिक जवाबदेही की मांग

"दवा जहरीली, शराब जहरीली, पानी जहरीला"—मध्यप्रदेश में सागर शराब त्रासदी को लेकर राहुल गांधी का राज्य सरकार पर अब तक का सबसे तीखा हमला!

नई दिल्ली/भोपाल:

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने मध्यप्रदेश की भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) सरकार पर जोरदार हमला बोला है। सागर जिले में जहरीली शराब पीने से हुई मौतों पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए राहुल गांधी ने सोशल मीडिया पर एक विस्तृत पोस्ट साझा की, जिसमें उन्होंने प्रदेश की प्रशासनिक व्यवस्था और शासन प्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं।

​राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि मध्यप्रदेश में लगातार हो रहे जानलेवा हादसों के बावजूद राज्य सरकार की ओर से केवल रस्मी कार्रवाई की जाती है, जबकि असली दोषियों और उच्च अधिकारियों की जवाबदेही तय नहीं होती।

​’दवा, पानी और शराब सब जहरीला’—राहुल गांधी

​अपनी फेसबुक पोस्ट में राहुल गांधी ने प्रदेश में हाल के समय में घटी अन्य त्रासदियों का उल्लेख करते हुए लिखा:

  • सागर शराब त्रासदी: जहरीली शराब ने सागर में कई लोगों की जान ले ली, जिससे कई घर तबाह हो गए।
  • इंदौर दूषित पानी कांड: कुछ समय पहले इंदौर में दूषित पानी पीने की वजह से कई नागरिकों को अपनी जान गंवानी पड़ी थी।
  • कफ सिरप हादसा: अमानक और जहरीली कफ सिरप के सेवन से मासूम बच्चों की मौत की घटना ने पूरे प्रदेश को स्तब्ध कर दिया था।

​राहुल गांधी ने कहा कि हादसों के बाद नए कानून तो बनाए जाते हैं, लेकिन उन्हें ठंडे बस्ते में डाल दिया जाता है और अगले हादसे का इंतजार किया जाता है।

​20 साल के शासन पर उठाए सवाल

​पिछले दो दशकों से अधिक समय से मध्यप्रदेश में जारी भाजपा शासन पर निशाना साधते हुए कांग्रेस नेता ने कहा कि राज्य में हादसों को रोकने का कोई ठोस ढांचा मौजूद नहीं है। उन्होंने सवाल उठाया कि “आखिर कब तक लोगों की जान की कीमत सिर्फ हादसे के बाद की औपचारिकता और नाममात्र की कार्रवाई होगी?”

​कांग्रेस की मुख्य मांगें:

  1. पारदर्शी और निष्पक्ष जांच: सागर त्रासदी की उच्चस्तरीय जांच कराकर पूरी सच्चाई देश और प्रदेश के सामने लाई जाए।
  2. उच्च स्तर पर जवाबदेही: कार्रवाई केवल निचले स्तर के छोटे कर्मचारियों तक सीमित न रहे, बल्कि जिनकी भी लापरवाही या मिलीभगत हो, उन पर सख्त कार्रवाई की जाए।
  3. स्थायी रोकथाम: हादसों के बाद खानापूर्ति करने के बजाय ऐसी व्यवस्था बने जिससे नागरिकों के जीवन की रक्षा हो सके।

Yogesh Soni Editor
Yogesh Soni Editorhttp://khabaronkiduniya.com
पत्रकारिता मेरे जीवन का एक मिशन है,जो बतौर ए शौक शुरू हुआ लेकिन अब मेरा धर्म और कर्म बन गया है।जनहित की हर बात जिम्मेदारों तक पहुंचाना,दुनिया भर की वह खबरों के अनछुए पहलू आप तक पहुंचाना मूल उद्देश्य है।
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