सागर। मध्य प्रदेश के सागर जिले की बंडा और शाहगढ़ तहसील में संदिग्ध अमानक/अवैध शराब के सेवन से ग्रामीणों के बीमार होने और मौतों का गंभीर मामला सामने आया है। घटना को बेहद गंभीरता से लेते हुए कलेक्टर एवं जिला दंडाधिकारी श्रीमती प्रतिभा पाल ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता 2023 की धारा 196 के तहत मजिस्ट्रियल जांच के आदेश जारी किए हैं।
घटना का विवरण
4 और 5 सितंबर की दरम्यानी रात बंडा तहसील के ग्राम बमूरा और शाहगढ़ तहसील के ग्राम नौराज व गूगरा खुर्द में ग्रामीणों ने शराब का सेवन किया था। इसके बाद उन्हें उल्टी, बेहोशी और शरीर में झटके (ऐंठन) की शिकायत हुई। पीड़ितों को प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र बंडा में भर्ती कराया गया, जहां इलाज के दौरान कुछ मरीजों की मृत्यु हो गई। प्राथमिक जांच में यह शराब अमानक या अवैध मानी जा रही है।
जांच अधिकारी और प्रमुख बिंदु
कलेक्टर ने अनुविभागीय दण्डाधिकारी (SDM), जैसीनगर को जांच अधिकारी नियुक्त किया है। जांच मुख्य रूप से निम्नलिखित बिंदुओं पर केंद्रित रहेगी:
- मौत का वास्तविक कारण: यह स्पष्ट करना कि मौतों की वजह अमानक/अवैध शराब ही है या कोई अन्य कारण।
- सप्लाई चेन की पहचान: शराब का निर्माण, भंडारण और वितरण किस स्तर पर और किसके द्वारा किया गया।
- लापरवाही की जांच: क्या संबंधित आबकारी या पुलिस विभाग के अधिकारियों द्वारा कर्तव्यों के निर्वहन में लापरवाही बरती गई।
- जवाबदेही और रोकथाम: घटना के मुख्य दोषियों को चिह्नित करना और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए प्रशासनिक व कानूनी सुझाव देना।
जांच अधिकारी को सभी बिंदुओं की पड़ताल कर अपनी स्पष्ट रिपोर्ट कलेक्टर कार्यालय में प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं।
