रहली | रहली विधानसभा क्षेत्र के शाहपुर में दो युवकों—सूरज और नीरज—की निर्मम हत्या ने पूरे अंचल को दहला दिया है। यह केवल एक आपराधिक घटना नहीं, बल्कि क्षेत्र में फल-फूल रहे अवैध शराब के उस साम्राज्य का खौफनाक परिणाम है, जिसे कथित तौर पर रसूखदारों और स्थानीय पुलिस का संरक्षण प्राप्त है।
गुंडागर्दी की सारी हदें पार
प्राप्त जानकारी के अनुसार, विवाद की जड़ अवैध शराब का परिवहन बताया जा रहा है। आरोप है कि शराब दुकान के कर्मचारियों ने गुंडागर्दी का नंगा नाच दिखाते हुए दोनों युवकों को पीटा गया।
पुलिस और माफिया का ‘अपवित्र’ गठबंधन?
स्थानीय लोगों का आरोप है कि रहली विधानसभा के हर गांव और ढाबे पर अवैध शराब बिक रही है। पुलिस की नाक के नीचे चल रहे इस ‘गोरखधंधे’ पर कार्यवाही न होना कई सवाल खड़े करता है:
- नतमस्तक प्रशासन: क्या स्थानीय पुलिस रसूखदारों के दबाव में काम कर रही है?
- आवाज दबाने की कोशिश: मीडियाकर्मियों और आम नागरिकों को डराने-धमकाने की खबरें आम हैं, ताकि यह काला सच बाहर न आ सके।
- असरदार लोगों का हाथ: बिना राजनीतिक संरक्षण के इतना बड़ा नेटवर्क चलना संभव नहीं है।
शाहपुर की आग ने यह स्पष्ट कर दिया है कि जनता अब खोखले आश्वासनों से संतुष्ट होने वाली नहीं है। यह घटना प्रशासन के लिए एक ‘अल्टीमेटम’ है।
