Tuesday, March 17, 2026
HomeEditer pageसियासी चश्मा: प्यारे मोहन की खुरई पर 'चुस्की' ☕

सियासी चश्मा: प्यारे मोहन की खुरई पर ‘चुस्की’ ☕

प्यारे मोहन ने जब खुरई की गलियों में अधिकारियों की भाग-दौड़ देखी, तो अपनी पुरानी साइकिल रोककर बोले— “भैया, इसे कहते हैं असली ‘चुनावी’ नहीं, ‘महोत्सवी’ फुर्ती! 2 अप्रैल से डोहेला महोत्सव जो शुरू हो रहा है।”

​मोहन ने आगे चुटकी लेते हुए कहा— “साहब लोग खुद मैदान में उतरे हैं, झाड़ू से लेकर लाइट तक का हिसाब हो रहा है। बस प्रशासन से इतनी ही गुजारिश है कि ये जो ‘रंग-रोगन’ और ‘सफाई’ की चमक है, ये महोत्सव के बाद भी बनी रहे। कहीं ऐसा न हो कि त्योहार बीते और सफाई बाबा भी छुट्टी पर चले जाएं! खैर, खुरई चमक रही है, तो जनता भी खुश है। बस देखते रहिए, ये चमक कितनी टिकाऊ निकलती है!”

Yogesh Soni Editor
Yogesh Soni Editorhttp://khabaronkiduniya.com
पत्रकारिता मेरे जीवन का एक मिशन है,जो बतौर ए शौक शुरू हुआ लेकिन अब मेरा धर्म और कर्म बन गया है।जनहित की हर बात जिम्मेदारों तक पहुंचाना,दुनिया भर की वह खबरों के अनछुए पहलू आप तक पहुंचाना मूल उद्देश्य है।
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