Saturday, November 7, 2026
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बुंदेलखंड मेडिकल कॉलेज की बड़ी चेतावनी,जरा सी लापरवाही रोशनी के त्योहार पर जीवन भर अंधेरे का दे सकती हे उपहार

सागर BMC के डरावने आंकड़े—हर साल 8 से 10 लोग हमेशा के लिए गंवा देते हैं अपनी आँखों की रोशनी। पढ़ें डॉक्टरों की सख्त चेतावनी

सागर:दिवाली का त्योहार उल्लास हर घर में खुशियां लेकर आता है, लेकिन आपकी लापरवाही रोशनी के इस त्यौहार पर जीवन भर अंधेरे का उपहार ना दे जाए,,बीएमसी सागर ने सख्त चेतावनी दी हे।क्या हे वजह देखे खबर

त्योहार का उल्लास कहीं छीन न ले आपकी आँखों का उजाला! BMC अस्पताल में हर साल पहुंच रहे 30-35 गंभीर मरीज। अगर पटाखा जलाते समय करते हैं ये गलतियां, तो अभी संभल जाएं…

दीपावली पर पटाखों को लेकर बरती गई थोड़ी सी लापरवाही जीवनभर का अंधेरा दे सकती है। सागर स्थित बुंदेलखंड मेडिकल कॉलेज (BMC) के नेत्र रोग विभाग ने त्योहार के दौरान आँखों की सुरक्षा को लेकर विशेष चेतावनी जारी की है। आंकड़ों के अनुसार, हर साल दीपावली या उसके दो दिनों के भीतर आँखों में चोट और जलन की समस्याओं के साथ लगभग 30 से 35 मरीज अस्पताल पहुँचते हैं।

​डराने वाले आंकड़े: 8 से 10 लोग गंवा बैठते हैं दृष्टि

​BMC के नेत्र रोग विभाग के आंकड़े बताते हैं कि त्योहारों के दौरान पटाखों के कारण होने वाले हादसे कितने गंभीर हो सकते हैं:

  • ​गंभीर चोट के मामले: अस्पताल पहुँचने वाले 30-35 मरीजों में से लगभग 15 मरीज गंभीर चोट (Severe Injury) के शिकार होते हैं, जिन्हें तत्काल विशेष चिकित्सकीय इलाज की जरूरत पड़ती है।
  • ​स्थाई दृष्टि क्षति (Permanent Damage): सबसे चिंताजनक बात यह है कि हर साल 8 से 10 मरीज ऐसे होते हैं जिनकी एक या दोनों आँखों की रोशनी हमेशा के लिए चली जाती है।

​इस बार उद्देश्य: ‘शून्य दुर्घटना’

​स्वास्थ्य विशेषज्ञों और डॉक्टरों का इस बार मुख्य उद्देश्य इन दुर्घटनाओं के आंकड़े को शून्य या न्यूनतम करना है, ताकि लोग सुरक्षित रहकर दीपावली का त्योहार खुशी-खुशी मना सकें।

​पटाखों से बचाव के लिए जरूरी सावधानियां

​डॉक्टरों ने आतिशबाजी के दौरान आँखों व शरीर की सुरक्षा के लिए निम्नलिखित दिशा-निर्देश दिए हैं:

  • ​सुरक्षित चश्मे का उपयोग: आतिशबाजी के दौरान पॉली कार्बोनेट सेफ्टी गॉगल्स या फुल फेस हेलमेट पहनें। साधारण धूप के चश्मे (Sunglasses) पर्याप्त सुरक्षा नहीं देते।
  • ​कॉन्टेक्ट लेंस से बचें: पटाखे जलाते समय कॉन्टेक्ट लेंस बिल्कुल न पहनें। पटाखों की तेज गर्मी और धुएँ से लेंस पिघलकर आँख से चिपक सकते हैं।
  • ​उचित दूरी व पानी का इंतजाम: पटाखों से हमेशा सुरक्षित दूरी बनाए रखें। जलते समय बुझे हुए पटाखों को दोबारा जलाने की कोशिश न करें, उन पर पानी डाल दें। हाथ में पकड़कर पटाखे न जलाएं और पास में पानी की बाल्टी जरूर रखें।
  • ​साफ-सफाई: गंदे हाथों से अपनी आँखों को न छुएं।

​आँख में चोट लगने पर क्या करें (फर्स्ट-एड)?

  • ​रगड़ें नहीं: आँख को भूलकर भी मलें या दबाएं नहीं।
  • ​घरेलू नुस्खों से बचें: आँख में शहद, काजल या कोई अन्य घरेलू नुस्खा न डालें।
  • ​साफ पानी का उपयोग: यदि आँख में मामूली कण या धुआँ गया हो, तो साफ पानी से हल्के हाथों से धोएं।
  • ​तत्काल डॉक्टर से संपर्क: आँख को ढीले कपड़े या शील्ड से ढकें और तुरंत नेत्र विशेषज्ञ को दिखाएं।

Yogesh Soni Editor
Yogesh Soni Editorhttp://khabaronkiduniya.com
पत्रकारिता मेरे जीवन का एक मिशन है,जो बतौर ए शौक शुरू हुआ लेकिन अब मेरा धर्म और कर्म बन गया है।जनहित की हर बात जिम्मेदारों तक पहुंचाना,दुनिया भर की वह खबरों के अनछुए पहलू आप तक पहुंचाना मूल उद्देश्य है।
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