सागर। दीपावली पर मिट्टी के दीये और पारंपरिक सजावटी सामान बेचने वाले कुम्हारों के लिए राहत भरी खबर है। सागर कलेक्टर एवं जिला दंडाधिकारी श्रीमती प्रतिभा पाल ने कुम्हार समुदाय के पारंपरिक शिल्पियों को हाट बाजारों में उचित स्थान उपलब्ध कराने और उनसे किसी भी प्रकार की कर वसूली नहीं करने के निर्देश दिए हैं।
🪔 मिट्टी के दीयों को बढ़ावा, कुम्हारों को मिलेगा सहारा
दीपावली का पर्व कुम्हारों के लिए साल के सबसे महत्वपूर्ण अवसरों में से एक है। इस दौरान वे मिट्टी के दीये, मूर्तियां, खिलौने और सजावटी सामान तैयार कर बाजारों में बेचते हैं। इसी व्यवसाय से कई परिवारों की आजीविका चलती है।
कलेक्टर के निर्देशानुसार नगरीय निकायों और ग्रामीण क्षेत्रों में लगने वाले हाट बाजारों में इन शिल्पियों को बिक्री के लिए उचित स्थान उपलब्ध कराया जाएगा। साथ ही उनसे किसी भी प्रकार का कर नहीं वसूला जाएगा।
🇮🇳 स्वदेशी परंपरा को मिलेगा प्रोत्साहन
प्रशासन की इस पहल का उद्देश्य पारंपरिक मिट्टी के उत्पादों के उपयोग को बढ़ावा देना और कुम्हारों की आजीविका को सहारा देना है। दीपावली पर मिट्टी के दीये और स्थानीय शिल्प उत्पाद खरीदने से न केवल हमारी परंपरा मजबूत होगी, बल्कि स्थानीय कारीगरों को भी आर्थिक संबल मिलेगा।
संदेश साफ है—इस दीपावली मिट्टी के दीये अपनाएं, स्थानीय कारीगरों का सम्मान बढ़ाएं और उनकी मेहनत को नई पहचान दिलाएं।
खबरों की दुनिया | सागर, मध्य प्रदेश
दीपावली पर कुम्हारों को बड़ी राहत, हाट बाजारों में मिलेगी जगह; कर वसूली पर रोक
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