Friday, August 28, 2026
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रक्षाबंधन : त्योहार नहीं, बल्कि रिश्तों में मिठास, त्याग और एक-दूसरे के प्रति जिम्मेदारी का एहसास कराने वाला एक पावन उत्सव है।

​इस त्योहार का संबंध केवल खून के रिश्तों तक सीमित नहीं है। इतिहास में रानी कर्णावती द्वारा सम्राट हुमायूं को राखी भेजने का प्रसंग हो या भगवान श्रीकृष्ण और द्रौपदी की कथा, रक्षाबंधन हमेशा से निस्वार्थ रक्षा और कर्तव्य का संदेश देता आया है।

योगेश सोनी(संपादक)28/8/26

​श्रावण मास की पूर्णिमा को मनाया जाने वाला यह त्योहार भारतीय संस्कृति की उस महान परंपरा को दर्शाता है, जहाँ रिश्तों की डोर धागे से भी अधिक मजबूत होती है। ‘रक्षा’ का अर्थ है सुरक्षा और ‘बंधन’ का अर्थ है धागा या रिश्ता—अर्थात ऐसा बंधन जो रक्षा का वचन देता है।

  • पवित्र परंपरा और विधि: इस दिन बहनें सुबह स्नान करके पूजा की थाली सजाती हैं, जिसमें राखी, रोली, अक्षत, दीपक और मिठाई होती है। बहन अपने भाई के माथे पर तिलक लगाती है, उसकी कलाई पर रेशम की राखी बांधती है और उसकी लंबी उम्र व खुशहाली की कामना करती है। बदले में, भाई अपनी बहन को उपहार देता है और जीवन भर उसकी रक्षा करने का अटूट वचन देता है।

Yogesh Soni Editor
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पत्रकारिता मेरे जीवन का एक मिशन है,जो बतौर ए शौक शुरू हुआ लेकिन अब मेरा धर्म और कर्म बन गया है।जनहित की हर बात जिम्मेदारों तक पहुंचाना,दुनिया भर की वह खबरों के अनछुए पहलू आप तक पहुंचाना मूल उद्देश्य है।
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