”श्रीमद्भागवत कथा जीवन जीने की कला सिखाती है और मन को शांति प्रदान करती है।” — आशीर्वाद महाराज
रहली। स्थानीय देवलिया मंदिर में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा के दूसरे दिन श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ पड़ा। कथा के द्वितीय दिवस पर कथा प्रवक्ता आशीर्वाद महाराज ने श्रीमद्भागवत के महात्म्य पर प्रकाश डालते हुए भगवान के विभिन्न अवतारों की अमृतमयी कथा सुनाई।

महाराज श्री ने कथा के दौरान बताया कि भागवत कथा केवल श्रवण मात्र से ही मनुष्य के जन्म-जन्मांतर के पाप कट जाते हैं। उन्होंने विस्तार से समझाया कि:
यह ग्रंथ साक्षात श्री कृष्ण का स्वरूप है। भगवान ने जब-जब धर्म की हानि हुई, तब-तब पृथ्वी पर विभिन्न रूपों में अवतार लेकर भक्तों का उद्धार किया।
कलियुग में केवल हरि नाम संकीर्तन और श्रीमद्भागवत का आश्रय ही मोक्ष का सरल मार्ग है।
भक्ति भाव में डूबे श्रद्धालु
कथा के दौरान भजनों पर श्रोता मंत्रमुग्ध होकर झूमते नजर आए। इस धार्मिक आयोजन में यजमान परिवार ने विधि-विधान से पोथी पूजन किया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में स्थानीय श्रद्धालुओं और धर्मप्रेमियों की उपस्थिति रही, जिन्होंने कथा श्रवण कर पुण्य लाभ अर्जित किया।
