परीक्षा को उत्सव बनाएं, बोझ नहीं: कलेक्टर संदीप जी आर का विद्यार्थियों को ‘सफलता मंत्र’
सागर। माध्यमिक शिक्षा मण्डल की आगामी बोर्ड परीक्षाओं को लेकर जिले के विद्यार्थियों में आत्मविश्वास भरने और उन्हें तनाव मुक्त रखने के लिए कलेक्टर श्री संदीप जी आर ने एक विशेष पहल की है। उन्होंने छात्रों से अपील की है कि वे परीक्षा को एक बोझ के बजाय एक सकारात्मक पड़ाव के रूप में देखें।
बोर्ड परीक्षाओं के लिए सागर में ‘भयमुक्त कवच’: छात्रों को भावनात्मक सपोर्ट और केंद्रों पर मिलेंगी विशेष सुविधाएं
कलेक्टर ने स्पष्ट किया कि जिला प्रशासन का लक्ष्य केवल शांतिपूर्ण परीक्षा संपन्न कराना ही नहीं है, बल्कि छात्र-छात्राओं को एक ऐसा ‘भयमुक्त वातावरण’ देना है जहाँ वे अपनी प्रतिभा का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन कर सकें।
विद्यार्थियों के लिए सफलता के ‘5 मंत्र’
कलेक्टर ने छात्रों का उत्साहवर्धन करते हुए तनाव दूर करने के लिए निम्नलिखित सूत्र साझा किए:
- तुलना से बचें: हर छात्र की अपनी विशेष क्षमता होती है, इसलिए दूसरों से अपनी तुलना कर खुद को कम न समझें।
- समय का सही प्रबंधन: कठिन विषयों को सुबह के समय पढ़ें जब मस्तिष्क सबसे अधिक सक्रिय और तरोताजा रहता है।
- नियमित अंतराल (Breaks): लगातार पढ़ने के बजाय बीच-बीच में छोटे ब्रेक लें। इस दौरान हल्का व्यायाम या ध्यान (Meditation) करें।
- लेखन अभ्यास: परीक्षा में समय प्रबंधन के लिए केवल पढ़ने के बजाय लिख-लिखकर अभ्यास करने पर जोर दें।
- धैर्य और शांति: शांत मन से दी गई परीक्षा का परिणाम हमेशा बेहतर होता है।
"लक्ष्य बड़ा हो या छोटा, आत्मविश्वास है सबसे अनमोल लोटा।"
शिक्षकों और प्राचार्यों को ‘मित्रवत’ व्यवहार के निर्देश
कलेक्टर ने जिले के समस्त शासकीय एवं निजी स्कूलों को निर्देशित किया है कि वे छात्रों के प्रति संवेदनशील (Sensitized) दृष्टिकोण अपनाएं।
- डर भगाएं: शिक्षक छात्रों के मन से ‘बोर्ड परीक्षा’ का हौवा खत्म करें।
- रिवीजन क्लासेस: पाठ्यक्रम पूरा होने के बाद केवल महत्वपूर्ण बिंदुओं पर ध्यान केंद्रित करें और छात्रों की शंकाओं का तुरंत समाधान करें।
- सकारात्मक व्यवहार: छात्रों के साथ एक शिक्षक के बजाय एक मित्र की तरह व्यवहार करें ताकि वे अपनी समस्याएं साझा कर सकें।
“अंक कागज का एक टुकड़ा तय कर सकते हैं, लेकिन आपके भविष्य की पूरी कहानी आपकी मेहनत और हिम्मत लिखती है।”
अभिभावकों से अपील और प्रशासनिक तैयारी
कलेक्टर ने अभिभावकों से भी आग्रह किया है कि वे बच्चों को बार-बार टोकने के बजाय उन्हें भावनात्मक सहयोग दें। इसके साथ ही प्रशासन ने परीक्षा केंद्रों के लिए कड़े निर्देश जारी किए हैं:
- सुविधाएं: केंद्रों पर स्वच्छ पेयजल, उचित रोशनी और प्राथमिक चिकित्सा (First Aid) के पुख्ता इंतजाम रहेंगे।
- छात्रों की गरिमा: उड़न दस्ते (Flying Squad) को निर्देशित किया गया है कि तलाशी के दौरान किसी भी छात्र की गरिमा को ठेस न पहुंचे और न ही उन्हें डराया जाए।
- हेल्पलाइन सेवा: किसी भी आकस्मिक मानसिक तनाव या समस्या के समाधान के लिए जिला स्तर पर एक कंट्रोल रूम/हेल्पलाइन सक्रिय रहेगी।
“याद रखिए, आप एक छात्र से कहीं बढ़कर हैं। आपकी प्रतिभा किसी एक परीक्षा के परिणाम की मोहताज नहीं है।”
