सागर/प्रशासनिक संवेदनशीलता और जवाबदेही की एक मिसाल पेश करते हुए सागर कलेक्टर ने रहली स्थित अनुसूचित जाति कन्या छात्रावास का पुनः निरीक्षण किया। एक माह पूर्व किए गए वादे को निभाते हुए कलेक्टर न केवल सामग्री की उपलब्धता सुनिश्चित करने पहुंचे, बल्कि छात्राओं से संवाद कर उनकी संतुष्टि भी जानी।
शिकायतों पर त्वरित कार्रवाई
विगत माह जब कलेक्टर ने इस छात्रावास का आकस्मिक निरीक्षण किया था, तब छात्राओं ने छात्रावास की बदहाल व्यवस्थाओं और मूलभूत सुविधाओं की कमी को लेकर खुलकर शिकायतें की थीं। छात्राओं की परेशानियों को गंभीरता से लेते हुए कलेक्टर ने मौके पर ही सुधार के निर्देश दिए थे और आवश्यक सामग्री जल्द भेजने का आश्वासन दिया था।

वादा निभाया: पलंग और सामग्री हुई उपलब्ध
कलेक्टर के निर्देश के कुछ ही समय बाद जिला प्रशासन द्वारा छात्रावास में नए पलंग और अन्य आवश्यक आवासीय सामग्री भेजी गई। एक माह का समय बीतने के बाद कलेक्टर दोबारा छात्रावास पहुंचे ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि भेजी गई सामग्री छात्राओं तक पहुंची है या नहीं।
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गुणवत्ता की जांच और छात्राओं का आभार
निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने:
भेजी गई सामग्री और पलंगों की गुणवत्ता (Quality) को खुद चेक किया।
छात्राओं से व्यक्तिगत रूप से चर्चा की और पूछा कि अब उन्हें कोई समस्या तो नहीं है।
छात्रावास परिसर की सफाई और अन्य व्यवस्थाओं का जायजा लिया।
व्यवस्थाओं में आए इस सकारात्मक बदलाव से छात्राएं काफी उत्साहित नजर आईं। छात्राओं ने कलेक्टर को धन्यवाद देते हुए कहा कि उनकी शिकायतों पर इतनी जल्दी गौर किया जाएगा, इसकी उन्हें उम्मीद नहीं थी।
”छात्राओं का हित हमारी प्राथमिकता है। छात्रावास में सुविधाओं की कमी को दूर कर दिया गया है, ताकि वे बेहतर माहौल में अपनी पढ़ाई जारी रख सकें।” — कलेक्टर, सागर
