मप्र सागर/ जिले में अचानक बढ़ी कड़ाके की ठंड और सुबह की शीतलहर के चलते स्कूली बच्चों के अभिभावकों ने जिला कलेक्टर से स्कूल के समय में बदलाव करने की पुरजोर मांग की है। अभिभावकों का कहना है कि सुबह जल्दी स्कूल जाने के कारण छोटे बच्चों का स्वास्थ्य प्रभावित हो रहा है।
शीतलहर के बढ़ते प्रकोप को देखते हुए कई माता-पिता ने कलेक्टर अंकल से अपील की है कि वे स्कूलों का समय बदल दें और इसे कुछ घंटे आगे बढ़ा दें।
सुबह की ठंड में बच्चों को हो रही परेशानी
जिले में न्यूनतम तापमान में लगातार गिरावट दर्ज की जा रही है, जिसके कारण सुबह के समय कड़ाके की ठंड पड़ रही है। सुबह 7 बजे या 8 बजे स्कूल पहुंचने के लिए बच्चों को घने कोहरे और ठिठुरन भरी हवाओं का सामना करना पड़ रहा है।

- स्वास्थ्य का डर: अभिभावकों ने चिंता जताई कि सुबह की अत्यधिक ठंड के कारण बच्चे सर्दी, खांसी और बुखार जैसी बीमारियों की चपेट में आ रहे हैं।
- स्कूल आने-जाने में दिक्कत: सुबह जल्दी उठना और ठंडी हवाओं के बीच स्कूल तक का सफर तय करना, खासकर छोटे बच्चों (प्री-प्राइमरी से 8वीं तक) के लिए, काफी मुश्किल हो गया है।
- अभिभावकों की अपील: एक अभिभावक ने बताया, “कलेक्टर अंकल से गुजारिश है कि स्कूल का समय कम से कम 9 बजे से करें। ठंड के कारण बच्चों को तैयार करना और स्कूल भेजना बेहद कठिन हो रहा है।”
- प्रशासन का रुख: जिला प्रशासन और शिक्षा विभाग फिलहाल मौसम की स्थिति पर नज़र बनाए हुए हैं। विश्वसनीय सूत्रों के अनुसार, बच्चों के स्वास्थ्य को देखते हुए जल्द ही कोई फैसला लिया जा सकता है।
- संभावित आदेश: ऐसी संभावना है कि कलेक्टर जल्द ही आदेश जारी कर प्राथमिक और माध्यमिक विद्यालयों (नर्सरी से कक्षा 8वीं तक) का समय बदलकर सुबह 9 बजे या उसके बाद से कर सकते हैं।
अभिभावक और स्कूली बच्चे बेसब्री से कलेक्टर के आधिकारिक आदेश का इंतजार कर रहे हैं, ताकि उन्हें सुबह की भीषण ठंड से राहत मिल सके।
