लाल किताब अनुसार कौन क्या पाले
- कुत्ता (Dog) किसे पालना चाहिए:
राहु, केतु पीड़ित हों
राहु/केतु डूबे (debilitated) हों
6th/8th/12th भाव में राहु–केतु
चंद्रमा कमजोर
किसे नहीं पालना चाहिए:
यदि राहु पहले से बहुत बलवान हो
राहु 3, 6, 11 भाव में हो
राहु–शनि का अशुभ योग
(ऐसे में कुत्ता पालना अशुभ परिणाम देता है)
- गाय (Cow) किसे पालना चाहिए:
गुरु कमजोर
पुत्र सुख में बाधा
वंश वृद्धि की इच्छा
धन स्थिरता की कमी
किसे नहीं पालना चाहिए:
गुरु बहुत ज्यादा बलवान
गुरु–राहु का चांडाल योग
- बिल्ली (Cat) किसे पालना चाहिए:
केतु पीड़ित
मानसिक अस्थिरता
अचानक खर्च
अग्नि के भय
किसे नहीं पालना चाहिए:
यदि केतु, सूर्य, मंगल बहुत बलवान हों
- तोता (Parrot) किसे पालना चाहिए:
बुध कमजोर
व्यापार में नुकसान
वाणी दोष
शिक्षा में बाधा

किसे नहीं पालना चाहिए:
यदि बुध + राहु मिलकर भ्रम/कपट योग बनाते हों
- मछली (Fish Aquarium) किसे पालना चाहिए:
चंद्र कमजोर
मानसिक तनाव
घर में कलह
धन रुकावट
किसे नहीं पालना चाहिए:
यदि चंद्र + राहु का ग्रस्त योग हो
(ऐसे लोगों को पानी वाले उपाय उलटे असर देते हैं)
- कछुआ (Turtle) किसे पालना चाहिए:
शनि कमजोर
स्थिरता की कमी
नौकरी में बार–बार समस्या
किसे नहीं पालना चाहिए:
शनि बहुत बलवान हो
लग्नेश शनि हो और पहले से ही शुभ दाता हो
- काला कौवा (Feeding Crow) किसे पालना चाहिए:
शनि-राहु कष्ट
पितृ दोष
शत्रु भय
किसे नहीं:
यदि शनि अत्यधिक दंडकारी हो (उच्च + मारक भाव में)
- कुत्ता सफेद / काला / बादामी
सफेद कुत्ता: चंद्र–शुक्र के लिए श्रेष्ठ
काला कुत्ता: राहु–शनि
बादामी कुत्ता: बुध–गुरु
B) राशि अनुसार कौन क्या पाले (सरल नियम)
मेष
कुत्ता, भेड़, मुर्गा
(मंगल के लिए शुभ)
वृष
गाय, बछड़ा
(शुक्र को मजबूत)
मिथुन
तोता, हरा पक्षी
(बुध को बल)
कर्क
मछली, सफेद जानवर
(चंद्र के लिए अच्छा)
सिंह
गाय, गाय की सेवा
(सूर्य की कृपा)
कन्या
बिल्ली, तोता
(बुध को सहारा)
तुला
सफेद कुत्ता, सफेद गाय
(शुक्र को स्थिरता)
वृश्चिक
काला कुत्ता
(राहु–मंगल नियंत्रण)
धनु
गाय, घोड़ा
(गुरु को बल)
मकर
काला कुत्ता, काला कौवा
(शनि शांत)
कुंभ
काला कुत्ता + मछलियां
(राहु–शनि दोनों)
मीन
मछली, गाय
(चंद्र–गुरु संयोजन)
C) कुंडली के निषेध (सबसे महत्वपूर्ण भाग)
जिन लोगों को पशु/पक्षी बिल्कुल नहीं पालने चाहिए:
8th में राहु हो – कुत्ता नहीं
6th में बुध – तोता नहीं
4th में राहु – मछली/एक्वेरियम नहीं
12th में चंद्र – बिल्ली नहीं
5th में केतु – पक्षी नहीं
अपने ज्योतिषी की राय लेकर ही पेट पाले।सांकेतिक सूचना सोशल मीडिया से प्राप्त सूचना के आधार पर लेख हे।इसमें सारी जिम्मेदारी निजी होगी।
“भाग्य, नियति और प्रारब्ध
“जो लिखा है भाग्य में, वही नियति है और जो भुगतना ही है, वही प्रारब्ध है।
