Thursday, February 19, 2026
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​फुलेरा दूज आज: भांडीर वन में गूँजी थी राधा-कृष्ण की शहनाई

क्या आप जानते हैं कि फुलेरा दूज के दिन ही भांडीर वन में ब्रह्मा जी ने राधा-कृष्ण का विवाह कराया था? जानिए इस अबूझ मुहूर्त का महत्व, पौराणिक कथा और ब्रज की अनूठी परंपराएं।

वृंदावन/ हिंदू पंचांग के अनुसार, फाल्गुन मास की शुक्ल पक्ष की द्वितीया तिथि को फुलेरा दूज मनाई जाती है। यह दिन न केवल वसंत ऋतु के आगमन का उत्सव है, बल्कि ब्रजवासियों के लिए यह उस दिव्य विवाह की वर्षगाँठ भी है, जिसने प्रेम को एक नई परिभाषा दी।

​1. भांडीर वन की अलौकिक घटना

​मथुरा के पास स्थित भांडीर वन वह स्थान है जहाँ राधा-कृष्ण के विवाह की मान्यता है। लोक कथाओं के अनुसार, जब भगवान श्रीकृष्ण बालक रूप में थे, तब एक बार नंद बाबा उन्हें चराने के लिए वन ले गए थे। वहां अचानक एक अलौकिक प्रकाश पुंज प्रकट हुआ और स्वयं ब्रह्मा जी वहां उपस्थित हुए।

​ब्रह्मा जी ने ही पुरोहित की भूमिका निभाते हुए राधा और कृष्ण का विवाह संपन्न कराया था। इस विवाह को ‘गंधर्व विवाह’ के रूप में जाना जाता है, जहाँ प्रकृति साक्षी थी और स्वयं सृष्टि के रचयिता ने मंत्रोच्चार किया था।

​2. क्यों खास है फुलेरा दूज का मुहूर्त?

​धार्मिक दृष्टिकोण से फुलेरा दूज को ‘अबूझ मुहूर्त’ माना जाता है।

  • दोषमुक्त दिन: इस दिन किसी भी शुभ कार्य के लिए पंचांग देखने की आवश्यकता नहीं होती।
  • विवाह का श्रेष्ठ दिन: क्योंकि स्वयं राधा-कृष्ण इस दिन परिणय सूत्र में बंधे थे, इसलिए इस दिन हजारों की संख्या में विवाह संपन्न किए जाते हैं।
  • वसंत का प्रभाव: ‘फुलेरा’ का अर्थ है फूलों से भरा होना। इस दिन से ब्रज में होली की शुरुआत भी मानी जाती है।

​3. ब्रज की परंपराएं

​फुलेरा दूज के दिन मथुरा, वृंदावन और विशेषकर भांडीर वन में विशेष उत्सव होते हैं:

  • फूलों की होली: मंदिरों में भगवान को फूलों से सजाया जाता है और भक्त एक-दूसरे पर गुलाल और फूल फेंकते हैं।
  • विशेष भोग: इस दिन राधा-कृष्ण को विशेष रूप से पोहा और अन्य पकवानों का भोग लगाया जाता है।
  • भांडीर वन दर्शन: श्रद्धालु भांडीर वन स्थित उस प्राचीन वट वृक्ष के दर्शन करते हैं, जिसके नीचे विवाह की रस्में पूरी हुई थीं।

Yogesh Soni Editor
Yogesh Soni Editorhttp://khabaronkiduniya.com
पत्रकारिता मेरे जीवन का एक मिशन है,जो बतौर ए शौक शुरू हुआ लेकिन अब मेरा धर्म और कर्म बन गया है।जनहित की हर बात जिम्मेदारों तक पहुंचाना,दुनिया भर की वह खबरों के अनछुए पहलू आप तक पहुंचाना मूल उद्देश्य है।
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