मप्र। सागर जिले के रहली अंतर्गत ग्राम कच्छी पिपरिया में इन दिनों आस्था और भक्ति का अभूतपूर्व संगम देखने को मिल रहा है। ग्रामवासियों के पुण्यों के फलस्वरूप, यहां त्रिदिवसीय समवशरण विधान एवं विश्वशांति महायज्ञ का भव्य आयोजन गुरुदेवों के पावन सानिध्य में आरंभ हो गया है, जिसने पूरे गांव को धार्मिक रंग में सराबोर कर दिया है।
प्रथम दिवस: ध्वजारोहण और मंगल प्रवचन
धार्मिक अनुष्ठान के प्रथम दिवस की शुरुआत अत्यंत उत्साह और उल्लास के साथ हुई।ध्वजारोहण: गुरुदेवों के मंगल सानिध्य में सर्वप्रथम ध्वजारोहण की रस्म अदा की गई। इस दौरान वातावरण ‘जयकारों’ से गूंज उठा।

- प्रवचन: इसके उपरांत, महाराज जी के अमृतमय मुखारबिंद से प्रवचन हुए, जिसमें धर्म के मर्म और जीवन के कल्याणकारी मार्ग पर प्रकाश डाला गया। श्रद्धालुओं ने अत्यंत श्रद्धापूर्वक इन वचनों का श्रवण किया।
- विधान का आरंभ: प्रवचन के बाद, मुख्य आकर्षण त्रिदिवसीय सामोशरण विधान का विधिवत आरंभ हुआ, जिसमें बड़ी संख्या में धर्मप्रेमी बंधुओं ने भाग लिया।
युवाओं का उत्साह, भक्तिमय आरती
संध्याकाल में आयोजित आरती में ग्राम के युवाओं का उत्साह देखते ही बन रहा था। युवाओं ने अत्यंत जोश और भक्ति भाव के साथ श्री जी की आरती की, जिससे पूरा पंडाल ऊर्जा और आध्यात्मिक आनंद से भर गया। यह दृश्य युवा पीढ़ी में धर्म के प्रति बढ़ती श्रद्धा को दर्शाता है।
पुण्यों का प्रताप: छोटे से गांव में विशाल आयोजन
पिपरिया जैसा एक छोटा सा गांव, जहां इतने बड़े और महत्वपूर्ण धार्मिक आयोजन संपन्न हो रहे हैं, यह निश्चित रूप से ग्राम के समस्त निवासियों के संचित पुण्यों का प्रताप है। - “यह आयोजन दर्शाता है कि ग्रामवासियों में धर्म, संस्कृति और सेवा के प्रति गहरी आस्था है। इसी आस्था के कारण उन्हें गुरुदेवों का सानिध्य और ऐसे भव्य अनुष्ठान का सौभाग्य प्राप्त हुआ है।”
- पूरे ग्राम में इस समय धार्मिक माहौल बना हुआ है। बच्चे, युवा और बुजुर्ग—सभी ग्रामवासी बढ़चढ़ कर हिस्सा ले रहे हैं और अपनी सेवाएँ समर्पित कर रहे हैं। यह आयोजन ग्राम पिपरिया के इतिहास में एक स्वर्णिम अध्याय जोड़ रहा है।
