मध्य प्रदेश के रहली विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत आने वाली ग्राम पंचायत विजयपुरा से सामाजिक परिवर्तन की एक बड़ी तस्वीर सामने आई है। जहाँ ग्रामीणों ने एकजुट होकर गांव को पूरी तरह नशामुक्त और शराबमुक्त बनाने का ऐतिहासिक निर्णय लिया है।
पंचायत में सर्वसम्मति से प्रस्ताव पारित
ग्राम पंचायत विजयपुरा में आयोजित एक विशेष बैठक में सरपंच बाबूलाल जारोलिया, भगवती मानव कल्याण संगठन के सदस्यों और भारी संख्या में ग्रामवासियों की उपस्थिति में यह निर्णय लिया गया। बैठक में ग्रामीणों ने संकल्प लिया कि:
- गांव की सीमा के भीतर न तो कोई शराब बेचेगा और न ही कोई इसका सेवन करेगा।
- शराब के कारण होने वाली गाली-गलौज और घरेलू कलह पर पूरी तरह रोक लगाई जाएगी।
- नियम तोड़ने वालों के विरुद्ध दंडात्मक कार्रवाई और सामाजिक बहिष्कार जैसे कड़े कदम उठाए जाएंगे।

थाना प्रभारी को सौंपा ज्ञापन
बैठक के पश्चात सरपंच और ग्रामीणों का प्रतिनिधिमंडल रहली थाना पहुंचा। यहाँ उन्होंने पुलिस प्रशासन को ग्राम में हुई इस पहल की लिखित जानकारी दी। ग्रामीणों ने स्पष्ट मांग की है कि यदि भविष्य में गांव में कोई भी अवैध रूप से शराब बेचता पाया जाता है, तो पुलिस उस पर तत्काल और कठोरतम कानूनी कार्रवाई करे।
सामाजिक संगठनों का मिला साथ
इस मुहिम में भगवती मानव कल्याण संगठन की भूमिका महत्वपूर्ण रही, जिनके मार्गदर्शन में ग्रामीण लंबे समय से नशामुक्ति के लिए जागरूक हो रहे थे। ग्रामीणों का कहना है कि शराब के कारण न केवल आर्थिक हानि होती है, बल्कि युवाओं का भविष्य भी बर्बाद हो रहा है और गांव की शांति भंग होती है।
”विजयपुरा को एक आदर्श और नशामुक्त पंचायत बनाना हमारा मुख्य लक्ष्य है। इस निर्णय से गांव के विकास को नई गति मिलेगी और महिलाओं व बच्चों को सुरक्षित वातावरण मिलेगा।”
— बाबूलाल जारोलिया, सरपंच
