नगरपालिका परिषद रहली ने अपनी प्रशासनिक दक्षता और विकास कार्यों में एक बार फिर इतिहास रच दिया है। गुणवत्ता अनुसंधान संगठन (Q.R.O.) द्वारा नगरपालिका के कार्यों को प्रमाणित करते हुए तीन अलग-अलग मानकों में सर्टिफिकेट प्रदान किए गए हैं।

नपाध्यक्ष देवराज सोनी के कुशल मार्गदर्शन और सीएमओ धनंजय गुमास्ता की सक्रियता का परिणाम है कि रहली आज प्रदेश के लिए एक मॉडल शहर बनकर उभरा है।
किन कार्यों पर मिली मुहर?
Q.R.O. ने व्यापक जांच के बाद इन प्रमुख गतिविधियों को प्रमाणित किया है:
- पर्यावरण एवं जल: जल प्रबंधन, ऊर्जा दक्षता और प्रदूषण नियंत्रण।
- नागरिक सेवाएँ: जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र, घर-घर कचरा संग्रहण और स्ट्रीट लाइट।
- इंफ्रास्ट्रक्चर: सी.सी. सड़कें, नालियां और अन्य संरचनाओं का उच्च स्तरीय निर्माण।
- सामाजिक विकास: महिला सशक्तिकरण और कर्मचारी कल्याण।
- प्रशासनिक सुधार: लागत बचत, कानूनी अनुपालन और निरंतर सुधार की प्रक्रिया।

सफलता का ‘स्वर्ण युग’ (पिछले 4 वर्षों का सफर):
| वर्ष | उपलब्धि/अवार्ड |
|---|---|
| पहला वर्ष | ISO अवार्ड से सम्मानित |
| दूसरा वर्ष | प्रतिष्ठित स्कोच (SKOCH) अवार्ड |
| तीसरा वर्ष | स्वच्छता सर्वेक्षण: MP में प्रथम, देश में 14वां स्थान |
| चौथा वर्ष | QRO द्वारा तीन प्रमुख मानकों में प्रमाणीकरण |
“यह उपलब्धि पूरी टीम की मेहनत और रहली के जागरूक नागरिकों के सहयोग का परिणाम है। हमारा लक्ष्य रहली को केवल स्वच्छ ही नहीं, बल्कि सबसे व्यवस्थित और आधुनिक शहर बनाना है।”
— देवराज सोनी, नपाध्यक्ष

