रहली। आधुनिक युग में लोग सुरक्षा के लिए सीसीटीवी कैमरों पर भरोसा करते हैं, लेकिन चोर भी अब तकनीक के साथ कदम मिला रहे हैं। रहली के बस स्टैंड स्थित एक किराना दुकान में चोरों ने न केवल चोरी की, बल्कि पहचान छिपाने के उद्देश्य से रिकॉर्डिंग करने वाला डीवीआर (DVR) भी साथ ले उड़े। हालांकि, पुलिस की मुस्तैदी के आगे उनकी यह चालाकी धरी की धरी रह गई।
थाआने के सामने दी थी चुनौती
घटना 14 फरवरी की रात की है, जब बस स्टैंड पर थाने के ठीक सामने स्थित नीरज जैन की किराना दुकान के शटर के ताले तोड़कर चोरों ने हाथ साफ किया था। पकड़े जाने के डर से आरोपी दुकान में लगा डीवीआर भी उखाड़ ले गए थे, ताकि पुलिस को कोई फुटेज न मिल सके।
ऐसे पकड़ में आए आरोपी
भले ही चोरों ने दुकान का डीवीआर चुरा लिया था, लेकिन पुलिस ने हार नहीं मानी। थाना प्रभारी सुनील शर्मा के नेतृत्व में पुलिस टीम ने आसपास लगे अन्य सीसीटीवी कैमरों को खंगाला। इस जांच में चोरी में उपयोग किया गया संदिग्ध वाहन नजर आया।
मुखबिर की सूचना पर पुलिस ने घेराबंदी कर सागर से रानगिर की ओर जा रहे एक संदिग्ध वाहन को रोका। तलाशी के दौरान वाहन में चोरी का सामान बरामद हुआ। सख्ती से पूछताछ करने पर आरोपियों ने अपना जुर्म कबूल कर लिया।
गिरफ्तार किए गए आरोपी:
पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जो मुख्य रूप से सागर के निवासी हैं:
आकाश रजक (19 वर्ष): निवासी मढिया विट्ठल नगर, थाना कैंट।
आजाद पटेल (20 वर्ष): निवासी चिरई कॉलोनी, थाना कैंट।
इरफान अली उर्फ मस्कट (18 वर्ष): निवासी दयानंद वार्ड, थाना कोतवाली, सागर।
पुलिस की कार्रवाई
आरोपियों के पास से किराना दुकान से चोरी किया गया सामान और घटना में प्रयुक्त वाहन जब्त कर लिया गया है। पुलिस ने तीनों आरोपियों के विरुद्ध मामला दर्ज कर उन्हें न्यायालय में पेश किया है।
सीख: यह घटना याद दिलाती है कि अपराधी चाहे कितना भी शातिर क्यों न हो और सबूत मिटाने की कितनी भी कोशिश करे, तकनीक और पुलिस की सक्रियता से बचना नामुमकिन है।
