खुरई सागर। क्षेत्र के ग्राम दुगाहाकला ने सामाजिक बुराइयों के खिलाफ एक मिसाल पेश की है। युवाओं के भविष्य को सुरक्षित करने और गांव की सुख-शांति बनाए रखने के लिए शनिवार को सर्व समाज की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई, जिसमें गांव को पूर्णतः नशामुक्त घोषित करने का ऐतिहासिक निर्णय लिया गया।
शपथ लेकर लिया संकल्प
बैठक में उपस्थित सर्व ब्राह्मण समाज खुरई के अध्यक्ष पं. राजेश पटैरिया ने सभी ग्रामीणों को नशा न करने और गांव में नशे के अवैध व्यापार को रोकने की शपथ दिलाई। ग्रामीणों का मानना है कि नशे की लत के कारण गांव का माहौल दूषित हो रहा था और परिवारों को भारी आर्थिक क्षति झेलनी पड़ रही थी।
कड़े नियमों का प्रावधान
बैठक में ग्रामीणों ने सर्वसम्मति से प्रस्ताव पारित किया कि अब गांव की सीमा के भीतर शराब, गांजा या अन्य किसी भी प्रकार के मादक पदार्थों की बिक्री और सेवन पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा। नियमों का उल्लंघन करने वालों के लिए सख्त आर्थिक दंड भी निर्धारित किया गया है:
- बिक्री पर रोक: यदि कोई व्यक्ति गांव में नशीले पदार्थ बेचते हुए पकड़ा जाता है, तो उसे 5100 रुपये का जुर्माना देना होगा।
- सेवन पर रोक: गांव में नशा करते हुए पाए जाने पर 2100 रुपये के दंड का प्रावधान किया गया है।
बैठक में उपस्थित सर्व ब्राह्मण समाज खुरई के अध्यक्ष पं. राजेश पटैरिया ने सभी ग्रामीणों को नशा न करने और गांव में नशे के अवैध व्यापार को रोकने की शपथ दिलाई। ग्रामीणों का मानना है कि नशे की लत के कारण गांव का माहौल दूषित हो रहा था और परिवारों को भारी आर्थिक क्षति झेलनी पड़ रही थी।
सामाजिक संगठनों का मिला समर्थन
इस निर्णय के दौरान बजरंग दल, विभिन्न हिंदू संगठनों के प्रतिनिधि और बड़ी संख्या में ग्रामवासी मौजूद रहे। इस पहल की पूरे खुरई क्षेत्र में प्रशंसा हो रही है और इसे सामाजिक कुरीतियों के खिलाफ एक बड़ी जीत के रूप में देखा जा रहा है।
