नई मिसाल: स्वागत में अब ‘माला’ नहीं ‘मदद’ होगी, पूर्व मंत्री भूपेंद्र सिंह की अनूठी पहल
सागर/खुरई: अक्सर राजनेताओं के स्वागत में हजारों रुपए की फूलों की मालाएं और बुके भेंट किए जाते हैं, जो कार्यक्रम खत्म होते ही बेकार हो जाते हैं। लेकिन मध्य प्रदेश के पूर्व मंत्री और वर्तमान विधायक भूपेंद्र सिंह ने इस परंपरा को बदलकर एक नई और अनुकरणीय मिसाल पेश की है। उन्होंने निर्णय लिया है कि अब स्वागत समारोहों में फूलों की मालाओं के स्थान पर ऐसी सामग्री स्वीकार की जाएगी, जो किसी गरीब या जरूरतमंद के काम आ सके।
सोशल मीडिया पर साझा की ‘मन की बात’
भूपेंद्र सिंह ने अपनी इस पहल की जानकारी सोशल मीडिया के माध्यम से साझा करते हुए बताया कि वह अब स्वागत में केवल उपयोगी वस्तुएं ही स्वीकार करेंगे। उन्होंने लिखा, “आज मन को अत्यंत संतोष मिला। मैंने यह निर्णय लिया है कि स्वागत में मालाओं के स्थान पर ऐसी सामग्री भेंट की जाए जो किसी के काम आ सके।”
पहले ही दिन दिखा असर: 50 हजार की सामग्री का वितरण
इस आह्वान का असर तुरंत देखने को मिला। उनके हालिया कार्यक्रम में प्रशंसकों और कार्यकर्ताओं ने मालाओं की जगह:
- कंबल और खाद्य सामग्री
- बच्चों के लिए पेन, कॉपी और कंपास
- पानी की बोतलें और टिफिन
जैसे ही यह सामग्री भेंट की गई, विधायक ने तुरंत लगभग 50 हजार रुपए मूल्य की यह सामग्री वहां मौजूद गरीब महिलाओं और स्कूली बच्चों के बीच वितरित कर दी।

“हम सभी का यह एक छोटा सा प्रयास, किसी के जीवन और भविष्य बनाने में अवश्य सहायक सिद्ध होगा।” — भूपेंद्र सिंह, विधायक
शिक्षा मंत्री की पहल को भी मिला बल
उल्लेखनीय है कि हाल ही में प्रदेश के शिक्षा मंत्री ने भी स्वागत में फूलों की जगह सेवफल (Apples) देने का अनुरोध किया था, ताकि उन्हें बच्चों में वितरित किया जा सके। भूपेंद्र सिंह द्वारा इस सोच को धरातल पर उतारने से अब यह एक जन-आंदोलन बनता दिखाई दे रहा है।
इस पहल की चारों ओर प्रशंसा हो रही है, क्योंकि यह न केवल पर्यावरण के अनुकूल है बल्कि सीधे तौर पर शिक्षा और समाज कल्याण से जुड़ी है।
