जिले के हर नागरिक का बनेगा ‘आभा’ कार्ड: अब डिजिटल होगा मरीजों का मेडिकल इतिहास
अब फाइलों की छुट्टी, डिजिटल होगी हेल्थ की मुट्ठी! अपनी ‘आभा’ आईडी आज ही बनवाएं।”
कलेक्टर ने स्वास्थ्य और शिक्षा विभाग को दिए सख्त निर्देश; भारी-भरकम फाइलों से मिलेगी मुक्ति
Mp sagar/जिले के स्वास्थ्य सेवाओं में क्रांतिकारी बदलाव लाने के उद्देश्य से कलेक्टर ने सभी नागरिकों की ‘आभा’ (Ayushman Bharat Health Account – ABHA) आईडी बनाने के निर्देश दिए हैं। कलेक्ट्रेट में आयोजित एक उच्च स्तरीय बैठक में कलेक्टर ने स्पष्ट किया कि डिजिटल हेल्थ रिकॉर्ड न केवल मरीजों के लिए सुविधाजनक है, बल्कि यह बेहतर स्वास्थ्य प्रबंधन के लिए भी अनिवार्य है।
क्यों जरूरी है ‘आभा’ आईडी?
बैठक के दौरान कलेक्टर ने ‘आभा’ आईडी के लाभों पर चर्चा करते हुए बताया कि:
- डिजिटल मेडिकल हिस्ट्री: मरीज की पुरानी बीमारियां, जांच रिपोर्ट और दवाओं का पूरा रिकॉर्ड डिजिटल रूप से सुरक्षित रहेगा।
- फाइलों से आजादी: अब मरीजों को अस्पताल जाते समय पुरानी पर्चियों और रिपोर्टों के भारी-भरकम बंडल साथ ले जाने की जरूरत नहीं होगी।
- त्वरित इलाज: डॉक्टर एक क्लिक पर मरीज का पूरा इतिहास देख सकेंगे, जिससे इलाज करने में आसानी होगी और समय की बचत होगी।
- बेहतर स्क्रीनिंग: इससे जिले के स्वास्थ्य डेटा की स्क्रीनिंग और विश्लेषण में मदद मिलेगी।
शिक्षा और महिला बाल विकास विभाग को भी जिम्मेदारी
कलेक्टर ने स्वास्थ्य विभाग के साथ-साथ जिला शिक्षा अधिकारी (DEO) और जिला कार्यक्रम अधिकारी को भी निर्देशित किया है। उन्होंने आदेश दिए हैं कि स्कूलों और आंगनवाड़ियों के माध्यम से प्रत्येक बच्चे की आभा आईडी बनाना सुनिश्चित किया जाए, ताकि बचपन से ही उनका स्वास्थ्य रिकॉर्ड संकलित हो सके।
”डिजिटल हेल्थ मिशन का उद्देश्य स्वास्थ्य सेवाओं को पारदर्शी और सुलभ बनाना है। आभा आईडी के माध्यम से हम जिले के अंतिम व्यक्ति तक बेहतर चिकित्सा सुविधा पहुँचाने के लिए प्रतिबद्ध हैं।” — कलेक्टर
बैठक में रहे मौजूद
इस महत्वपूर्ण बैठक में जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री विवेक के वी, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO) डॉ. ममता तिमोरे, सिविल सर्जन डॉ. आरएस जयंत सहित स्वास्थ्य विभाग के सभी वरिष्ठ अधिकारी और विकासखंड स्तर के अधिकारी उपस्थित रहे।
