मप्र सागर। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव द्वारा सागर में चल रही श्रीमद् भागवत कथा में भौतिक रूप से उपस्थित होने के बजाय वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए संबोधित करने पर सियासी और सामाजिक गलियारों में सवाल खड़े हो गए हैं। यह तब हुआ जब मुख्यमंत्री सागर जिले की बंडा विधानसभा क्षेत्र में मौजूद थे, जिसकी दूरी कथा स्थल सागर से आधे घंटे की ही बताई जा रही है।

कथा आयोजकों और क्षेत्र की जनता को मुख्यमंत्री के आगमन की उम्मीद थी, लेकिन “समय की कमी” का हवाला देते हुए उनका वर्चुअली जुड़ना चर्चा का विषय बन गया है।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का कार्यक्रम रविवार, 23 नवंबर, 2025 को सागर जिले के बंडा में प्रस्तावित था। बंडा में मुख्यमंत्री ने सांदीपनि विद्यालय का लोकार्पण किया और अन्य कार्यक्रमों में शामिल हुए। प्राप्त जानकारी के अनुसार, सागर विधायक शैलेन्द्र जैन द्वारा आयोजित इस भागवत कथा में सीएम को शामिल होना था।

- करीबी दूरी: बंडा से सागर स्थित कथा स्थल की दूरी काफी कम होने के बावजूद, सीएम का सीधे कथा में न पहुंचकर वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग का सहारा लेना, जनता के बीच असहजता पैदा कर रहा है।
- स्थानीय लोगों का तर्क है कि एक छोटे से रोड ट्रेवल के जरिए मुख्यमंत्री आसानी से कथा में शिरकत कर सकते थे, खासकर जब वह उसी जिले में थे। “समय की कमी” का बहाना इसलिए अटपटा लग रहा है।
- जनभावना: धार्मिक आयोजनों में मुख्यमंत्री जैसे बड़े नेताओं की उपस्थिति को लोग न केवल सम्मान के तौर पर देखते हैं, बल्कि इसे क्षेत्र के प्रति उनकी संवेदनशीलता से भी जोड़ते हैं। ऐसे में वर्चुअली संबोधन से जनता की उम्मीदें टूटी हैं।
