मप्र के भाजपा सरकार में अनेक जनप्रतिनिधियों की हालत यह है कि छोटे से छोटे अधिकारी भी उनकी नहीं सुनते,बहुत अनुशासन में रहने के बाद किसी किसी का दर्द सामूहिक रूप से झलक ही जाता है।आखिर कौन हे इसका जिम्मेदार..? कही ना कही असंतोष फैल रहा हे,और शीर्ष नेतृत्व को कोई चिंता नहीं हे। विगत दिवस भाजपा विधायक पन्ना लाल शाक्य का दर्द सार्वजनिक रूप से फूट पड़ा। शाक्य ने बुधवार को प्रेस से कहा कि मैं आरक्षित (अनुसूचित जाति) सीट से चुना गया हूं, इसलिए मेरी हालत वैसी ही हो गई है जैसे ‘गरीब की लुगाई, सब गांव की भौजाई।’ प्रशासन एक जनप्रतिनिधि की आवाज नहीं सुन रहा है। जो न इलेक्टेड हैं, न सिलेक्टेड हैं, हाथों-हाथ लिया जा रहा है।
आखिर क्यों हे भाजपा सरकार में जनप्रतिनिधियों के ऐसे हालात…? अब झलकने लगा दर्द
भाजपा विधायक शाक्य बोले-मेरा हाल गरीब की लुगाई जैसा
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