देवरी कलां मप्र | सागर जिले के देवरी के समीप स्थित प्रसिद्ध अमृत झरिया आश्रम में सोमवार, 22 दिसंबर को 28वां वार्षिकोत्सव अपार उत्साह और श्रद्धा के साथ मनाया गया। इस पावन अवसर पर आयोजित विशाल भंडारे में हजारों श्रद्धालुओं ने प्रसादी ग्रहण कर धर्म लाभ लिया।
गुरुदेव के आगमन की स्मृति में भव्य आयोजन
उल्लेखनीय है कि आज ही के दिन, 22 दिसंबर 1997 को परम पूज्य गुरुदेव श्री श्री 1008 मुक्तानंद जी महाराज का पदार्पण अमृत झरिया की पावन धरा पर हुआ था। इसी पावन स्मृति में प्रतिवर्ष यहाँ भव्य वार्षिकोत्सव मनाया जाता है, जिसमें सम्मिलित होने के लिए दूर-दराज के क्षेत्रों से भक्तगण खिंचे चले आते हैं।

साधना की सीख: गुरुदेव ने भक्तों को प्रेरित करते हुए कहा कि “साधन कठिन नहीं है, बल्कि साधना में टिकना कठिन है। यदि बुद्धि में दृढ़ निश्चय हो, तो ही व्यक्ति साधना के मार्ग पर अडिग रह सकता है।”
भंडारे में हजारों ने पाई प्रसादी
पूजन और प्रवचन के पश्चात विशाल भंडारे का शुभारंभ हुआ। कतारबद्ध होकर हजारों श्रद्धालुओं ने गुरुदेव का आशीर्वाद प्राप्त किया और प्रसादी ग्रहण की। कार्यक्रम के दौरान संपूर्ण आश्रम परिसर “ॐ” और “गुरुदेव भगवान की जय” के जयघोष से गुंजायमान रहा।
