”राजनीति करना गोपाल भार्गव से सीखिए। राजनीति में ‘मोटी चमड़ी’ का बनना पड़ता है।
आज मप्र के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस के दिग्गज नेता दिग्विजय सिंह राजा साहब का जन्मदिन हे।जन्मदिन की राजा साहब को बहुत बधाई,,,,, दिग्विजय सिंह , जैसा नाम वैसा व्यक्तित्व,,,
मेरी विचारधारा भले ही बीजेपी से मिलती हे,लेकिन व्यक्तिगत रूप से हर उस व्यक्तित्व का प्रशंसक हूं,जिनमें सरलता और सहजता ईश्वर की तरफ से स्वाभाविक प्राप्त है।
मेरी पहली मुलाकात राजासाहब से वर्ष करीब 30 बर्ष पहले हुई थी। उन दिनों मेरी फोटोग्राफी की शुरुआत थी।और रहली के तत्कालीन नगरपालिका अध्यक्ष सुशील हजारी जी अपने पूरे पार्षदों को लेकर राजा साहब से मिलने भोपाल गए थे,,सबकी फोटो निकलने मुझे भी साथ ले गए। इस समय राजा साहब मुख्यमंत्री थे।भोपाल पहुंचने पर पता चला राजा साहब इंदौर से एयरपोर्ट आने वाले हे,सभी लोग एयरपोर्ट पहुंचे,वहां सभी ने उनका स्वागत किया,और पहली बार जिन जिन भी लोगों ने हवाई जहाज देखा था,उन सबसे स्टेट प्लेन के साथ फोटो खिंचाई। इसके बाद विधानसभा पहुंचे,जहां सभी का स्वागत राजा साहब ने किया सुशील हजारी जी ने सबका परिचय कराया,में सबकी ग्रुप फोटो खींच रहा था,सबकी फोटो खींचने के बाद राजा साहब मुझसे बोले,अरे तुम्हारी तस्वीर तो रह गई,लाओ कैमरा में तुम्हारी तस्वीर खींचता हूं।
दूसरी मुलाकात रहली में के हाई स्कूल मैदान में आयोजित एक कार्यक्रम में हुई,जब कांग्रेस द्वारा आयोजित कार्यक्रम दिग्विजय सिंह जी भी पधारे थे,और उन्होंने कहा राजनीती मोटी चमड़ी के बनना पड़ता,, वजनदारी का कुर्ता घर में टांग कर आया करे।उस समय मैने पत्रकारिता भी शुरू कर दी थी।और उनसे प्रेस कांफ्रेंस में सवाल भी किए थे।
