रहली। शहर का कचरा जिस ट्रेचिंग ग्राउंड में डंप होता हे, आज वहां हरियाली की चादर बिछी है। रहली नगरपालिका अध्यक्ष देवराज सोनी के ड्रीम प्रोजेक्ट ‘फ्रूट फॉरेस्ट’ ने साकार रूप ले लिया है। मंगलवार को जब सागर कलेक्टर जनसुनवाई के लिए रहली पहुंचे, तो रहली नगरपालिका के इस प्रोजेक्ट को देखकर उनके मुंह से बरबस ही निकल पड़ा— “गुड वर्क, एक्सीलेंट वर्क!”
कलेक्टर ने खुद लगाया पौधा, की जमकर तारीफ
निरीक्षण के दौरान कलेक्टर महोदय नगरपालिका के प्रयासों से इतने प्रभावित हुए कि उन्होंने स्वयं बेल का पौधा रोपकर इस अभियान को अपना समर्थन दिया। उन्होंने कचरा प्रबंधन (टेंचिंग ग्राउंड) की जगह का ऐसा रचनात्मक उपयोग करने के लिए सराहना की।

क्या है इस ‘फ्रूट फॉरेस्ट’ की खासियत?
नगरपालिका अध्यक्ष देवराज सोनी के विजन से तैयार इस उद्यान में आधुनिक तकनीक और प्रकृति का अनूठा संगम है:
- विशाल क्षेत्र: साढ़े सात एकड़ में फैला हुआ फलदार साम्राज्य।
- विविधता: आम, पपीता, अमरूद, जामुन, मुनगा, मुसम्मी, केला और चीकू जैसे 8,000 हाइब्रिड पौधे लगाए गए हैं।
- 100% जैविक: सभी पौधों को नगरपालिका द्वारा तैयार जैविक खाद से पोषित किया जा रहा है।
- स्मार्ट सिंचाई: पानी की कमी न हो, इसके लिए 1.5 एकड़ का तालाब और दो बोरवेल कराए गए हैं। साथ ही, ‘ड्रिप सिस्टम’ (टपक सिंचाई) के जरिए पानी की हर बूंद का सही उपयोग हो रहा है।

अध्यक्ष देवराज सोनी ने अपने इस सपने को पूरा करने में प्रभारी सीएमओ धनंजय गुमास्ता और इंजीनियर शिवराम साहू के सहयोग को सराहा। अध्यक्ष देवराज के अनुसार, अगले 2-3 सालों में यह क्षेत्र पूरी तरह फल देने वाले वृक्षों से लद जाएगा और रहली के लिए एक नई पहचान बनेगा।
मेरा सपना था कि नगर में एक ऐसा फ्रूट फॉरेस्ट हो जो पूरी तरह जैविक हो। आज इसे साकार होते देख खुशी हो रही है।”
— देवराज सोनी, अध्यक्ष, नगरपालिका रहली
