Saturday, March 21, 2026
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Basant panchmi :242 नन्हें शिशुओं ने जीभ पर शहद से लिखा ‘ॐ’, सरस्वती शिशु मंदिर में गूँजे वैदिक मंत्र।”

शहद से जीभ पर लिखा ‘ॐ’, स्लेट पर उकेरे अक्षर

सागर जिले के ​रहली में विद्या की देवी माँ सरस्वती के प्राकट्य उत्सव ‘बसंत पंचमी’ के पावन पर्व पर स्थानीय सरस्वती शिशु मंदिर रहली में भव्य हवन-पूजन एवं विद्यारंभ संस्कार का आयोजन किया गया। इस अवसर पर विद्यालय परिसर पूरी तरह बसंती रंग में रंगा नजर आया और वैदिक मंत्रोच्चार के बीच नन्हें शिशुओं ने शिक्षा जगत में अपना पहला कदम रखा।

​कार्यक्रम में मुख्य यजमान के रूप में अधिवक्ता प्रकाश चंद मिश्रा उपस्थित रहे। उन्होंने विद्यारंभ संस्कार की परंपरा का निर्वहन करते हुए नए प्रवेशी भैया-बहिनों की जीभ पर शहद से ‘ॐ’ लिखा और स्लेट (पाटी) पर अक्षर लेखन कराया। विद्वान पंडित औंकार प्रसाद शास्त्री ने वेदी पूजन संपन्न कराते हुए मंत्रोच्चारण के साथ हवन-पूजन कराया, जिसमें बड़ी संख्या में अतिथियों और आचार्य परिवार ने आहुतियां दीं।

सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने मोहा मन

​बसंत उत्सव के उपलक्ष्य में विद्यालय के छात्र-छात्राओं ने मनमोहक प्रस्तुतियां दीं। भावना कुर्मी, कार्तिक यादव, सिद्धि कोष्टी, महिमा शर्मा और सनातन पाण्डेय ने सरस्वती वंदना एवं बसंत गीतों का गायन किया। वहीं, शिशु एवं प्राथमिक विभाग की बालिकाओं ने बसंती गीतों पर आकर्षक नृत्य प्रस्तुत कर उपस्थित जनसमूह का मन मोह लिया।

242 शिशुओं का हुआ पाटीपूजन

​विद्या भारती की योजनानुसार, इस वर्ष नगर एवं ग्रामीण क्षेत्रों के लगभग 242 शिशुओं का पाटीपूजन एवं विद्यारंभ संस्कार संपन्न हुआ। इस दौरान उपस्थित अभिभावकों, समिति सदस्यों और माताओं ने विद्यालय के विकास हेतु ‘समर्पण पात्र’ में स्वेच्छा से दान राशि भी अर्पित की।

इनकी रही गरिमामयी उपस्थिति

​कार्यक्रम में विद्यालय समिति के व्यवस्थापक यशवंत सिंह ठाकुर, उपाध्यक्ष स्वपना सराफ, सहसचिव मनीष मिश्रा, प्रफुल्ल सिंघई, पूर्व छात्र सोभित गोयल, प्रियेश पटेरिया, पूर्व आचार्य प्रतापसिंह ठाकुर, हरिसिंह ठाकुर, प्रमेन्द्र शुक्ला और साहित्य जैन सहित समस्त आचार्य परिवार उपस्थित रहा।

​कार्यक्रम का सफल संचालन रश्मि पटेरिया ने किया, जबकि आगंतुक अतिथियों का स्वागत प्राचार्य रामस्वरूप विश्वकर्मा द्वारा किया गया।

Yogesh Soni Editor
Yogesh Soni Editorhttp://khabaronkiduniya.com
पत्रकारिता मेरे जीवन का एक मिशन है,जो बतौर ए शौक शुरू हुआ लेकिन अब मेरा धर्म और कर्म बन गया है।जनहित की हर बात जिम्मेदारों तक पहुंचाना,दुनिया भर की वह खबरों के अनछुए पहलू आप तक पहुंचाना मूल उद्देश्य है।
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