“क्या आपने नोटिस किया कि आज शाम जल्दी अंधेरा क्यों होने लगा? वजह हैरान कर देने वाली है…”
“आज से दिन छोटे और रातें लंबी! जानिए पृथ्वी का वो 23.5° का झुकाव, जो भारत में लाने जा रहा है सर्दी…”
मौसम के बदलते रुख के बीच खगोलीय बदलाव ने दस्तक दे दी है। 23 सितंबर को भूमध्य रेखा पर सूर्य की किरणें सीधी पड़ने से पृथ्वी के अधिकांश हिस्सों में दिन और रात बराबर (लगभग 12-12 घंटे) रहे। अब इसके बाद से उत्तरी गोलार्ध में दिन छोटे और रातें लंबी होने का सिलसिला शुरू हो गया है।

रोज़ 1 मिनट 23 सेकंड की कमी: आज से दिन की अवधि में प्रति दिन 1 मिनट 23 सेकंड की गिरावट आएगी और रातें लंबी होती जाएंगी।
22 दिसंबर (सबसे छोटा दिन): सूर्य की स्थिति दक्षिणायन होने से दिसंबर तक दिन लगातार छोटे होंगे। 22 दिसंबर को सागर (मप्र) व आसपास के क्षेत्रों में दिन घटकर मात्र 10 घंटे का और रात 14 घंटे की हो जाएगी।
21 मार्च से फिर बदलाव: यह क्रम 22 दिसंबर तक चलेगा, जिसके बाद दिन फिर बड़े होने लगेंगे। 21 मार्च को पुनः दिन-रात बराबर हो जाएंगे।
क्यों बदलती हैं ऋतुएँ और दिन की लंबाई?
डॉ. हरीसिंह गौर विश्वविद्यालय के पूर्व भूगोल विभागाध्यक्ष प्रो. आरपी मिश्रा के अनुसार:
23.5° का झुकाव: पृथ्वी अपनी धुरी पर करीब 23.5 डिग्री (23^\circ 30′) झुकी हुई है और सूर्य की परिक्रमा करती है।
किरणों का कोण: इस झुकाव के कारण वर्षभर सूर्य की किरणों का कोण बदलता रहता है।
तापमान में गिरावट: सितंबर के बाद उत्तरी गोलार्ध में सूर्य की सीधी किरणें कम पड़ने लगती हैं, जिससे धीरे-धीरे तापमान गिरता है और ठंड की शुरुआत होती है।
