2000 के बाद जन्मे ‘AI वाले दादाजी’: 80s के ट्रेंड पर प्यारे मोहन का करारा व्यंग्य!
5G वाले ‘जन-जी’ को चढ़ी 1980 की खुमारी! AI के इस टाइम ट्रैवल पर क्या बोले प्यारे मोहन?
भइया! दुनिया में फैशन का ऐसा दौर आएगा, ये तो किसी ने नहीं सोचा था।
2004 में पैदा हुआ लड़का, जो 5G पर रील्स देखकर बड़ा हुआ है, वो AI से अपनी ब्लैक एंड व्हाइट फोटो बनवाकर कैप्शन लिख रहा है—मिसिंग दोज ओल्ड डेज!’ अरे प्यारे! कौन से पुराने दिन मिस कर रहे हो? 1980 में तुम्हारे पिताजी भी हाफ पैंट में घूमते थे!
असली 80 के दशक का फोटो खिंचवाना कोई AI का खेल नहीं था। तब फोटोग्राफर साहब स्टूडियो में बुलाकर पहले गर्दन 45 डिग्री पर घुमाते थे, पीछे ढलता हुआ सूरज या नकली गुलाब का पर्दा टांगते थे, और कहते थे—‘हिलना मत, नहीं तो फोटो खराब हो जाएगा!’ बंदा सांस रोककर खड़ा रहता था कि कहीं 10 रुपये का रोल खराब न हो जाए!
और आज का AI? 2005 में जन्मी बिटिया चेहरे पर AI का 1980 वाला फिल्टर लगाकर पोस्ट कर रही है—‘वाइब्स ऑफ 1985!’ अजी वाइब्स! 1985 में अगर शाम को टीवी का एंटीना घूम जाता था, तो छत पर चढ़कर ‘आया क्या… आया क्या?’ चिल्लाना पड़ता था! वो तो झेला नहीं, और फोटो में 80 का स्वैग चाहिए!
AI भी सोचता होगा कि जन्म लिया है 2008 में, और फोटो में दाढ़ी-मूंछ ऐसी बनवा रहे हैं जैसे 1982 में जेल से छूटे हों!
सच में, बिना धूप से झुलसे ‘विंटेज लुक’ पाना और बिना ब्लैक एंड व्हाइट जमाना देखे ‘नॉस्टैल्जिक’ हो जाना—यह सिर्फ 21वीं सदी के AI का ही जादू हो सकता है!
सच में, बिना धूप से झुलसे ‘विंटेज लुक’ पाना और बिना ब्लैक एंड व्हाइट जमाना देखे ‘नॉस्टैल्जिक’ हो जाना—यह सिर्फ 21वीं सदी के AI का ही जादू हो सकता है!
