नई दिल्ली/भोपाल: मध्य प्रदेश में वन्यजीव संरक्षण और पर्यटन को नई ऊंचाइयों पर ले जाने के लिए राज्य सरकार ने बड़े कदम उठाए हैं। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने नई दिल्ली में केंद्रीय पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री श्री भूपेंद्र यादव से मुलाकात कर प्रदेश की जैव-विविधता और आगामी प्रोजेक्ट्स पर विस्तृत चर्चा की।
- बोत्सवाना से आएंगे नए मेहमान: मुख्यमंत्री ने घोषणा की है कि ‘प्रोजेक्ट चीता’ के अगले चरण के तहत 28 फरवरी 2026 को बोत्सवाना से 8 नए चीते मध्य प्रदेश लाए जाएंगे। इन चीतों के स्वागत के लिए कूनो नेशनल पार्क और गांधी सागर वन्यजीव अभयारण्य में तैयारियां पूरी कर ली गई हैं।
- असम से जंगली भैंसों की वापसी: मध्य प्रदेश से करीब एक सदी पहले विलुप्त हो चुके जंगली भैंसों (Wild Water Buffalo) को वापस लाने की प्रक्रिया तेज हो गई है। असम सरकार के साथ हुए समझौते के तहत 50 जंगली भैंसों को चरणबद्ध तरीके से कान्हा टाइगर रिजर्व में पुनर्स्थापित किया जाएगा।
- वन्यजीव विनिमय (Exchange) कार्यक्रम: इस विशेष समझौते के तहत असम से जंगली भैंसों के साथ एक सींग वाले गेंडे और किंग कोबरा भी लाए जाएंगे। इसके बदले में मध्य प्रदेश असम को बाघ (Tigers) और मगरमच्छ उपलब्ध कराएगा।
- पर्यटन और रोजगार को बढ़ावा: मुख्यमंत्री ने कहा कि रिजर्व फॉरेस्ट के विस्तार और नए वन्यजीवों के आने से प्रदेश में पर्यटन की असीम संभावनाएं खुलेंगी, जिससे स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे।
- केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव ने मध्य प्रदेश के इन प्रयासों की सराहना करते हुए केंद्र की ओर से हरसंभव तकनीकी और वित्तीय सहयोग का आश्वासन दिया है। अब मध्य प्रदेश न केवल ‘टाइगर स्टेट’ बल्कि ‘चीता स्टेट’ और ‘बायोडायवर्सिटी कैपिटल’ के रूप में अपनी वैश्विक पहचान मजबूत कर रहा है।
