आज संयोगवश सुबह बाजार जाना हुआ,आदतन चाय पीने ठेले पर पहुंचे तो हमारे प्रिय मित्र प्यारे मोहन फेसबुक चलाते मिल गए,दुआ सलाम के बाद मोबाइल दिखाते हुए बोले आज पटनागंज में कुत्तों ने कई जानवर और आदमों को काट लिया,,,अब तो हद हो गई।पहले सोचा क्या कहें फिर जोर देने पर कहा कि कुत्ते हे वह तो काटेंगे हे,अपन को सावधानी रखनी पड़ेगी,इस बात को सुनते ही प्यारे मोहन भड़क उठे आखिर सरकार क्या कर रही हे उसे इंतजाम करना चाहिए, यह जिम्मेदारी हे,इसमें भ्रष्टाचार नहीं हो पाएगा इसलिए कोई ध्यान नहीं दे रहा।बात सोलह आने सही थी,लेकिन अब कौन उलझे सो बात को मोड़ते हुए हमने कहा कि कुत्तों का यह सौभाग्य हे कि सरकार भी कुछ नहीं कर पा रही,यहां तक कि आदेश के बाद मामला विचाराधीन चला गया इसे किस्मत ही कहा जा सकता हे। इस बात को सुनते ही प्यारे जी का बहुत शानदार जवाब आया उन्होंने कहा कि वाकई कुत्तों के भाग्य की सराहना करनी पड़ेगी,ना तो सरकार कुछ उखाड़ पा रही हे और ना ही सरकार की खटिया खड़ी करने की ताकत रखने वाली संस्था कोई निर्णय लेने की स्थिति में है। क्या गजब सौभाग्य पाया हे इन कुत्तों ने,,, सब उनके पक्ष में हे। सनातन धर्म के ठेकेदार गाय को भगाकर कुत्तों को घर में रखे हे, उन्हें गले लगा रहे है।गाय मारी मारी फिर रही हे, गाय के पक्ष में कोई सामने नहीं आया कुत्तों के प्रेमी धरना पर बैठ गए,वाकई कमाल हे।

बात को आगे बढ़ाते हुए उन्होंने चुटकी भी लेते हुए कहा अभी वक्त कुत्तों का हे और समय के साथ जो नहीं चलता वह पीछे रह जाता हे, जहां देखो कुत्तों का हो जलवा हे,बस गाली खाने,कभी कभी पिटने और तलवे चाटना सिख जाओ फिर वक्त और सियासत सब तुम्हारी हे,यहां तक कि जो सुख मानवों को नहीं मिल पा रहे वह इनको नसीब हे। बात का बतंगड़ बनते देख अपन ने तो झोला उठाया और आगे बढ़ गए सब्जी लेने,लेकिन बात इतनी गहरी थी,और सब्जी लेना इससे भी जरूरी था।
