रहली (सागर) | रहली औद्योगिक क्षेत्र में उद्योगों के नाम पर आवंटित भूमि का दुरुपयोग धड़ल्ले से जारी है। शुक्रवार को उद्योग विभाग के जिला अधिकारियों ने क्षेत्र का औचक निरीक्षण किया, जिसमें नियमों की जमकर धज्जियां उड़ती मिलीं। जाँच में सामने आया कि जिन प्लॉटों पर कारखाने होने चाहिए थे, वहाँ दुकानें, पार्किंग और अंडे बेचे जा रहे हैं।
जाँच में मिलीं गंभीर अनियमितताएं
सहायक प्रबंधक (उद्योग विभाग) प्रिंस जैन ने बताया कि निरीक्षण के दौरान पाया गया कि कई आवंटियों ने नियमों को ताक पर रखकर प्लॉटों का व्यावसायिक इस्तेमाल शुरू कर दिया है। मुख्य रूप से ये गतिविधियां पाई गईं:
- अवैध उप-किरायेदारी: आवंटित प्लॉटों पर दुकानें बनाकर दूसरों को किराए पर दे दी गई हैं।
- नियम विरुद्ध व्यवसाय: औद्योगिक कार्यों के बजाय वहां अंडा विक्रय और वाहन पार्किंग जैसी गतिविधियां संचालित हो रही हैं।
- बंद इकाइयां: कई उद्यमी प्लॉट लेकर गायब हैं और वहां सालों से शटर गिरे हुए हैं।
आंकड़ों की स्थिति: 50% से अधिक इकाइयां निष्क्रिय
निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने स्वीकार किया कि नगरीय क्षेत्र की कुल 17 इकाइयों में से केवल 8 से 10 इकाइयां ही वास्तव में संचालित हो रही हैं। शेष जगह या तो खाली पड़ी है या उसका उपयोग गलत तरीके से किया जा रहा है।
”जाँच रिपोर्ट तैयार कर ली गई है और इसे वरिष्ठ अधिकारियों के समक्ष प्रस्तुत किया जाएगा। प्राप्त निर्देशों के आधार पर नियम विरुद्ध कार्य करने वाले आवंटियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।”
— प्रिंस जैन, सहायक प्रबंधक, उद्योग विभाग
आगे क्या होगा?
विभाग अब उन आवंटियों को नोटिस जारी करने की तैयारी में है जिन्होंने लीज की शर्तों का उल्लंघन किया है। संभावना जताई जा रही है कि नियमों का पालन न करने वाले आवंटियों के प्लॉट निरस्त भी किए जा सकते हैं।
