रहली। तहसील के ग्राम बगासपुरा में पिछले दो महीनों से जल संकट ने विकराल रूप धारण कर लिया है। गाँव की नल-जल योजना पूरी तरह ठप होने के कारण ग्रामीणों के बीच ‘त्राहि-त्राहि’ मची हुई है। आलम यह है कि भविष्य संवारने की उम्र में मासूम बच्चे स्कूल छोड़कर सिर पर बर्तन रखे पानी ढोने को मजबूर हैं।
नल-जल योजना का बोर हुआ खराब
ग्रामीणों ने बताया कि गाँव में स्थापित नल-जल योजना का बोर पिछले दो माह से खराब पड़ा है। प्रशासन और संबंधित विभाग को इसकी सूचना देने के बावजूद अब तक सुधार कार्य नहीं कराया गया है। पाइपलाइनों में धूल जम रही है और ग्रामीण प्यास बुझाने के लिए दर-दर भटक रहे हैं।
आधा किलोमीटर का सफर और घंटों का इंतजार
गाँव की महिलाएं और बच्चे करीब आधा किलोमीटर दूर स्थित एकमात्र सरकारी हैंडपंप से पानी लाने को विवश हैं।
- शिक्षा प्रभावित: पानी की किल्लत का सबसे बुरा असर बच्चों की पढ़ाई पर पड़ रहा है। कई बच्चे सुबह स्कूल जाने के बजाय कतारों में लगकर घर के लिए पानी जुटा रहे हैं।
- हैंडपंप भी दे रहा जवाब: भीषण गर्मी की आहट से पहले ही जलस्तर नीचे गिरने लगा है। ग्रामीणों का कहना है कि गाँव का एकमात्र सहारा यह हैंडपंप भी अब दम तोड़ने लगा है। यदि जल्द ही बोर नहीं सुधरा, तो स्थिति बेकाबू हो जाएगी।
- खराब पड़े बोर को तत्काल सुधारा जाए।
- वैकल्पिक व्यवस्था के तौर पर टैंकरों से जलापूर्ति शुरू की जाए।
- नल-जल योजना का स्थायी निराकरण किया जाए ताकि भविष्य में ऐसी स्थिति न बने।
- देखे वीडियो में
